



हमीरपुर(बड़सर)/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधायकों के वेतन वृद्धि को लेकर हो रही चर्चाओं पर भाजपा बड़सर मंडल के अध्यक्ष संजीव शर्मा, महामंत्री दिनेश शर्मा एवं महामंत्री अश्वनी बन्याल ने कहा कि वेतन वृद्धि को लेकर अनावश्यक राजनीति और विवाद उत्पन्न करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि विधायक केवल कानून निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे अपनी विधानसभा क्षेत्र की जनता की हर समस्या को हल करने के लिए चौबीसों घंटे कार्यरत रहते हैं।

गरीबों के इलाज, छात्रों की शिक्षा, जरूरतमंद परिवारों की आपातकालीन सहायता जैसी कई जिम्मेदारियां विधायकों के कंधों पर होती हैं। ऐसे में वेतन वृद्धि को उनकी बढ़ती जिम्मेदारियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
वेतन वृद्धि – विधायकों की जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक
भाजपा बड़सर मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि विधायकों को मिलने वाला वेतन केवल व्यक्तिगत खर्च के लिए नहीं होता, बल्कि यह उनकी सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए भी जरूरी है।
जनसेवा का दायरा बढ़ा है – आज के समय में विधायक केवल सदन में चर्चा करने तक सीमित नहीं हैं। वे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं।
निजी कोष से मदद की आवश्यकता – सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता हर जरूरतमंद तक तुरंत नहीं पहुंच पाती। ऐसे में विधायकों को अक्सर अपने निजी कोष से लोगों की सहायता करनी पड़ती है।
संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी – भाजपा के विधायक संगठन के प्रति भी जवाबदेह होते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों, बैठकों और अभियानों के संचालन में भी उन्हें व्यक्तिगत खर्च करना पड़ता है।
पत्रकारों को विधायक की भावना को समझना चाहिए
उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान इस वेतन वृद्धि का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि विधायक समाज के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। पत्रकार भी विभिन्न अवसरों पर विज्ञापन के लिए संपर्क करते हैं—कभी त्योहारों पर, कभी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर, तो कभी अन्य आयोजनों पर। विधायक हमेशा मीडिया का सम्मान करते हैं और उनका सहयोग करने का प्रयास करते हैं।

इन्द्रदत्त लखनपाल द्वारा विधानसभा में दिए गए बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने की बजाय उनकी वास्तविक भावना को समझना आवश्यक है। उन्होंने केवल एक कड़वी सच्चाई को सामने रखा कि पत्रकारिता और राजनीति, दोनों ही परस्पर जुड़े हुए क्षेत्र हैं।
“जनता की सेवा सर्वोपरि”
संजीव शर्मा, दिनेश शर्मा और अश्वनी बन्याल ने स्पष्ट किया कि वेतन वृद्धि को अनावश्यक विवाद का विषय न बनाकर इसे विधायकों की वास्तविक जरूरतों और उनकी सेवा भावना के आधार पर देखा जाना चाहिए।
मीडिया से अपील
भाजपा बड़सर मंडल ने मीडिया से निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विधायक भी समाज का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उन्हें अपने क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए उचित संसाधन मिलने चाहिए।
“वेतन वृद्धि जनसेवा का साधन है, विशेष लाभ नहीं”
भाजपा बड़सर मंडल के सभी पदाधिकारियों ने जनता से आग्रह किया कि वे इस वेतन वृद्धि को गलत राजनीतिक प्रचार का हिस्सा न बनने दें, बल्कि इसे विधायकों की सेवा भावना और उनकी जिम्मेदारियों के नजरिए से देखें।
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