



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :— तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर की कंप्यूटर इंजीनियरिंग की छठे सेमेस्टर की छात्रा शिविका दीक्षित ने ” फ़ेडरेटेड लर्निंग इन एसडीएन एंड स्मार्ट ग्रिड्स: चैलेंजेज़, एप्लिकेशन्स एंड फ्यूचर रिसर्चेज़ ” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया है।
यह प्रस्तुति 17-18 मई 2025 को सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में आयोजित 6th वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एडवांसेज़ एंड एप्लिकेशन्स (डब्ल्यूसीएआईएए 2025) में ऑनलाइन मोड दवारा हुई।


यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी डिप्लोमा छात्रा ने इतने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोधपत्र प्रस्तुत किया है और भाग लिया है।



शिविका का शोध फ़ेडरेटेड लर्निंग को सॉफ़्टवेयर डिफाइन्ड नेटवर्किंग (एसडीएन) और स्मार्ट ग्रिड्स के साथ एकीकृत करने पर आधारित है, जिसमें इस क्षेत्र से संबंधित चुनौतियों, अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई है।
संस्थान के प्रधानाचार्य इंजीनियर चंद्रशेखर ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष समीर भारती और विभाग के सभी शिक्षकों को बधाई दी। उ

न्होंने कहा, “यह न केवल हमारे संस्थान के लिए, बल्कि संपूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए गर्व का विषय है। डिप्लोमा के छात्र भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं, यह इसका जीवंत प्रमाण है।”
विभागाध्यक्ष समीर भारती ने भी छात्रा को बधाई दी और शोध कार्य में मार्गदर्शन देने वाले डॉ. अमित नैयर एवं इंजीनियर रितेश अवस्थी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “इस सफलता से यह सिद्ध होता है कि हमारे विभाग में न केवल अकादमिक गुणवत्ता है, बल्कि शोध व नवाचार की भी अद्वितीय क्षमता है।”
यह उपलब्धि न केवल छात्रा की मेहनत और लगन को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि डिप्लोमा स्तर की शिक्षा भी वैश्विक तकनीकी मंचों पर महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। संस्थान को आशा है कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी कि वे नवाचार और शोध की दिशा में आगे बढ़ें।
















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