



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बताया कि विदेशों से प्राप्त होने वाले जमीन के मुख्तारनामों (जनरल पॉवर ऑफ अटॉर्नी) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्टांपिंग या इम्बोसिंग के लिए किसी भी जिलावासी या विदेशों में रह रहे जिलावासी को हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला जाने की आवश्यकता नहीं है। इन दस्तावेजों की स्टांपिंग की शक्तियां उपायुक्त के पास हैं।
स्टांपिंग या इम्बोसिंग के लिए शिमला जाने की आवश्यकता नहीं: अमरजीत सिंह


उन्हांेने बताया कि भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 18 के तहत, कलेक्टरों को सामान्य पावर ऑफ अटॉर्नी सहित विदेशों में किए गए उन समझौतों से संबंधित दस्तावेजों की स्टांपिंग का अधिकार है, जो उनके संबंधित क्षेत्राधिकार में स्टांपिंग के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं।



उपायुक्त ने कहा कि अगर कोई जिलावासी विदेश में रह रहा है और वह किसी अन्य व्यक्ति को जनरल पॉवर ऑफ अटॉर्नी देता है या विदेशों से कोई अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करता है या प्रेषित करता है तो उसकी स्टांपिंग जिला स्तर पर हो सकती है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला में जाने की आवश्यकता नहीं है।
इस संबंध में जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।

















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