



हमीरपुर/विवेकानंदवशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश फसल विधिकरण प्रोत्साहन परियोजना के मुख्यालय, हमीरपुर में 28 अगस्त को उन्नत जापानी कृषि तकनीकों के विकास और प्रसार में सक्रिय रूप से लगी M2LABO और SEIWA संस्थान के साथ बैठक का आयोजन किया गया।

जिसकी अध्यक्षता परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने की। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में हाइड्रोपोनिक्स, संरक्षित खेती और सटीक कृषि उपकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए ऐसी तकनीकों को लागू करने की संभावनाओं का आकलन करना था।


साथ ही, दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने टिकाऊ कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती के क्षेत्रों में कई नवीन समाधान प्रस्तुत किए, जिनमें उत्पादकता और संसाधन दक्षता बढ़ाने की उनकी क्षमता पर प्रकाश डाला गया।



परियोजना, M2LABO और SEIWA के बीच इस बात पर सहमति हुई कि प्रस्तावित तकनीकों को पहले विभागीय खेतों में परीक्षण के आधार पर लागू किया जाएगा और स्थानीय कृषि-जलवायु परिस्थितियों में उनकी उपयुक्तता का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके अलावा, आगे की रणनीति के रूप में, यह निर्णय लिया गया कि M2LABO, SEIWA और परियोजना द्वारा संयुक्त रूप से एक विस्तृत प्रस्ताव और कार्यान्वयन योजना तैयार की जाएगी, जिसमें कर्मचारियों और किसानों के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और क्षमता निर्माण के प्रावधान होंगे।

इस बैठक में M2LABO के प्रमुख प्रसून अग्रवाल; बिजनेस प्रमुख (हाइड्रोपोनिक्स), मनीष आर. राऊत; प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल आर. गोरे, यश दुर्गे और स्वप्निल ए. पाटिल; SEIWA के युकी मियाशिता और दाइची निशिनो के साथ परियोजना की ओर से परियोजना उप निदेशक डॉ. राजेश कुमार, डॉ. करतार सिंह, डॉ संतोष और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
















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