सवर्ण समाज के साथ छलावा कब तक: रूमित सिंह ठाकुर 

मंडी/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश की जनता यह सच जान ले — कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों ही सरकारों ने सवर्ण समाज के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।

 

देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा — सवर्ण समाज की सच्ची आवाज़

 

सच्चाई यह है कि राजा वीरभद्र सिंह की सरकार ने राजपूत कल्याण बोर्ड और ब्राह्मण कल्याण बोर्ड का गठन किया था। आज की सरकार ने भी सिर्फ उन बोर्डों में नए सदस्य जोड़कर यह दिखाने की कोशिश की है मानो सवर्ण समाज के लिए कोई बड़ा कदम उठाया गया हो।

 

लेकिन असल में यह सिर्फ एक भ्रम फैलाने की राजनीति है। सवर्ण समाज की वास्तविक मांग सवर्ण आयोग की है — ताकि पूरे समाज को न्याय मिले और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो।

 

“देवभूमि क्षत्रीय संगठन सवर्ण मोर्चा” ने कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों से बार-बार सवर्ण आयोग की मांग की, लेकिन हर बार इस मांग को दबाने का काम किया गया।

यही कारण है कि आज स्वर्ण समाज को तोड़ने और गुमराह करने के लिए बोर्डों की राजनीति खेली जा रही है।

 

 सवर्ण समाज जाग चुका है।

“देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा” यह वचन देता है कि जब हमें जनता का आशीर्वाद मिलेगा और हम सत्ता में आएंगे, तब सवर्ण आयोग को एक एक्ट (कानून) के रूप में विधानसभा में पास कराकर सवर्ण समाज को समर्पित किया जाएगा।

 

यह हमारी प्रतिज्ञा है, यह हमारा धर्म है, यह हमारा कर्तव्य है। सवर्ण समाज अब किसी भ्रम में नहीं आएगा।