



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- उपायुक्त अमरजीत सिंह ने सोमवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों तथा अधिनियमों से संबंधित चार अलग-अलग जिला स्तरीय समितियों की बैठक की अध्यक्षता की।
डीसी ने की कल्याण विभाग की 4 जिला स्तरीय समितियों की बैठकों की अध्यक्षता


नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या को एक सुनियोजित रणनीति और साइंटिफिक तरीके से निपटने की आवश्यकता है। इसके लिए जिला स्तर पर एक व्यापक कार्य योजना बनाई गई है।



एससी-एसटी अत्याचार के मामलों की जांच और अभियोजन में न हो विलंब
जिसमें विभिन्न विभागों के अलावा पंचायतीराज संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है तथा इसे पंचायत एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नशा भी एक बीमारी है और इसके जाल में फंसे व्यक्ति को डॉक्टरी परामर्श और उपचार दिया जाना चाहिए।

कार्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगों को मिलें सभी सुविधाएं

जिला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे नई दिशा नशा निवारण केंद्रों और नशे की डिमांड एवं सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए पुलिस द्वारा आरंभ किए गए हेल्पलाइन नंबरों और ड्रग फ्री ऐप का अधिक से अधिक प्रचार होना चाहिए।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी शिक्षण संस्थानों में अधिक से अधिक जागरुकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों तथा शिक्षण संस्थानों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कल्याण अधिकारी को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए, ताकि इन्हें वेब पोर्टल पर अपलोड किया जा सके।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस समय जिला में अधिनियम के तहत दर्ज 25 मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। 33 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट्स भी अभी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। 10 मामलों में पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों की जांच और अभियोजन में विलंब नहीं होना चाहिए।

जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में उपायुक्त ने कहा कि दिव्यांगों से संबंधित सभी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए अधिनियम की अनुपालना में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। सभी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों इत्यादि में दिव्यांगों के लिए निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित विभाग अल्पसंख्यक वर्गों के पात्र लोगों को चिह्नित करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें।
उक्त सभी समितियों की बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इन बैठकों में समितियों के अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित थे।















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