राजेंद्र राणा को दूसरों पर कीचड़ उछलना की है, आदत: विवेक कटोच

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल की बेटियों के गौरव पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण – 2024 में पूर्व विधायक राजिंदर राणा के लंदन दौरे को लेकर तथ्यों का भी किया खुलासा किसान कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विवेक कटोच ने कहा है कि सुजानपुर के पूर्व विधायक राजिंदर राणा की ओछी राजनीति ने बार-बार हिमाचल प्रदेश की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।

 

बेटियों के गौरव पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण

 

विडंबना है कि वे स्वयं अपनी व्यक्तिगत जीवन को भूलकर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि तथ्यों के आधार पर याद दिलाना आवश्यक है कि पिछले वर्ष 10 सितंबर 2024 को राजिंदर राणा भी स्वयं लंदन दौरे पर गए थे। उनके लंदन प्रवास के दौरान वह केंसिंग्टन इलाके के प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल ‘कॉप्थोर्न तारा’ में ठहरे थे।

 

 

जहाँ उन्होंने वेलिंगटन स्क्वायर स्थित ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में अपनी बेटी का दाखिला उच्च शिक्षा के लिए करवाया। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अपनी बेटी की योग्यता के बलबूते उसका दाखिला दिलवाने लंदन गए थे।

 

 

हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव की बात है कि यहाँ की बेटियाँ उच्च शिक्षा और उत्तम भविष्य निर्माण हेतु विदेशों की प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश पा रही हैं। इससे प्रदेश व देश की पहचान और प्रतिष्ठा विश्व पटल पर और अधिक मजबूत हो रही है।

 

 

दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजिंदर राणा ने इस गौरवशाली घटना को भी राजनीति के कालिख से कलंकित करने का प्रयास किया। बेटियों की सफलता और उच्च शिक्षा का विषय प्रदेश के सम्मान का विषय है, न कि राजनीतिक छींटाकशी का। इस तरह की दुर्भावनापूर्ण राजनीति वीरभूमि एवं देवभूमि हिमाचल की पहचान को चोट पहुँचाती है।

 

 

विवेक कटोच ने कहा कि राजिंदर राणा को खुद के चरित्र और कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए, बजाय इसके कि वे व्यक्तिगत और सार्वजनिक सम्मान के विषयों पर कीचड़ उछालें। लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए ऐसी ओछी राजनीति को तुरंत बंद करना चाहिए।

 

 

हाल ही में राजिंदर राणा ने अपने बेटे अभिषेक राणा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलवाया। इस मुलाक़ात को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सुजानपुर क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।

 

 

भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी के भीतर जो लोग वर्षों से मेहनत कर रहे हैं, उन्हें नज़रअंदाज़ करके सिर्फ परिवारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब भाजपा कार्यकर्ता भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या उन्हें इस परिवार की सेवा के लिए संगठन में रखा है।