



सिरमौर/विवेकानंद वशिष्ठ :- अग्नि के बजाए संविधान को साक्षी मानकर की गयी सिरमौर के दो भाइयों की शादी अब चर्चा में है। शिलाई की नैनीधार के कलोग गांव के दो सगे भाइयों ने एक साथ संविधान को साक्षी मानकर विवाह किया।

बताया जा रहा है कि दोनों सगे भाइयों सुनील कुमार बौद्ध और विनोद कुमार आजाद ने संविधान निर्माता डॉ. भीम राव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर यह अनोखी पहले की।


इन दोनों ने विवाह समारोह में बदलाव करते हुए पारंपरिक ब्रह्म विवाह की जगह संविधान को साक्षी मानकर विवाह किया। हालाँकि शादी में निभाई जाने वाली दूसरी रस्मों को यथावत निभाया गया ।



अब यह शादियां खासी चर्चा में है , कुछ लोग इसे चर्चा में रहने के लिए उठाया गया कदम बता रहे हैं , कुछ इसकी सराहना कर रहे हैं तो कुछ यह भी कह रहे हैं के यह शादी कानूनन मान्य नहीं हो पायेगी। खैर इसपर आप क्या कहते हैं।
















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