



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के उपध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने कहा कि रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है और अक्सर पशुओं के काटने से मनुष्यों में फैलती है।
यह लगभग हमेशा घातक होती है, लेकिन तुरंत चिकित्सा सहायता लेने से इसे रोका जा सकता है। रेबीज को रोकने के लिए, पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाना और यदि कोई जानवर काट ले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
रेबीज के बारे में मुख्य बातें: यह क्या है: रेबीज एक वायरस के कारण होने वाली एक जानलेवा बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है। यह कैसे फैलता है: यह संक्रमित पशुओं की लार से फैलता है, आमतौर पर काटने या खरोंच से। कुत्ते और चमगादड़ इसके सामान्य वाहक हैं, खासकर एशिया और अफ्रीका में।
लक्षण: लक्षणों में दौरे, मतिभ्रम, लकवा और पानी से डर शामिल हो सकते हैं। रोकथाम और उपचार: टीकाकरण: पशुओं का टीकाकरण करवाना रेबीज को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
चिकित्सा सहायता: यदि कोई जानवर काटता है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर जोखिम के आधार पर टीके और अन्य दवाएं देंगे। तत्काल कार्रवाई: घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए, और तुरंत चिकित्सा उपचार लेना चाहिए।
Post Views: 197



















Total Users : 122780
Total views : 185663