



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- सीटू जिला कमेटी हमीरपुर मोदी सरकार द्वारा 21 नवंबर को श्रम संहिताओं को लागू करने की अधिसूचना जारी कर ने का कड़ा विरोध करती है उल्लेखनीय है मोदी सरकार ने 2019 – 20 से ही इन श्रम संहिताओं को लागू करने का प्रयास कर रही थी जिसका देश के मजदूरों के संगठन कड़ा विरोध करते आ रहे हैं l
इन संहिताओं के लागू करने से देश की विशाल श्रम शक्ति को बंधुआ मजदूरी की तरफ धकेलना है l इन श्रम संहिताओं में जहां मालिकों को श्रम शक्ति का शोषण कर ने की खुली छूट दी गई है वहीं दूसरी तरफ मजदूरों के यूनियन बनाने और अपनी आवाज़ उठाने के अधिकार को कमजोर किया गया है l


इन श्रम संहिताओं में अब मालिकों को श्रम शक्ति की छँटनी करने, निकालने ,उद्योगों को बंद करने के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता होती थी अब जहां 300 से कम लोग काम करते हैं वहां पर किसी अनुमति की शर्त को ही हटा दिया गया है



इससे देश की 90% श्रम शक्ति प्रभावित होगी और वो सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएगी l मजदूरों के यूनियन बनाने और विरोध प्रदर्शन करने के अधिकारों को कमजोर करके सौदेबाजी करने को ही कमजोर किया गया है l ये श्रम संहिताए कॉर्पोरेट मालिकों को मजदूरों का शोषण करने के लिए बनायी गयी हैं
जिसका सीटू कड़ा विरोध करती है और इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने और इन्हें निरस्त करने तक का आंदोलन करने का आगाज करती है उसी कड़ी में कल से कार्य स्थानों पर इन श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाने से शुरुआत की जाएगी साथ ही 26 नवंबर को इसके विरोध में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा l

















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