शिक्षा विषयों व प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर 3 दिसंबर को धर्मशाला में विधानसभा घेराव करेगी ABVP

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जिला कांगडा द्वारा प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गिरती स्थिति, बेरोजगारी, विश्वविद्यालयों में अव्यवस्था और सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ 3 दिसंबर को धर्मशाला में विशाल विधानसभा घेराव कर रही है।

छात्र हितों, शिक्षा सुधार और रोजगार के मुद्दों पर होगा बड़ा आंदोलन ABVP

 

प्रदेश के विद्यार्थी लगातार समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से इन मुद्दों पर कोई संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नेतृत्वहीनता, बर्बाद होती बुनियादी सुविधाएँ, अधूरी मूल्यांकन प्रक्रिया, रोजगार के झूठे दावे और स्कूल–कॉलेजों को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने जैसे कदमों ने छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है।

ABVP का मानना है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस इच्छाशक्ति और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। लेकिन सरकार द्वारा लगातार टालमटोल और अनदेखी की जा रही है। इसी कारण ABVP ने लोकतांत्रिक तरीके से विद्यार्थियों की आवाज को सदन तक पहुँचाने का निर्णय लिया है।

प्रदेश के विद्यार्थियों की समस्याएँ “जुमलों और आश्वासनों” से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत सुधारों से हल होंगी। सरकार यदि वास्तव में युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना चाहती है, तो उसे शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर संवेदनशील व गंभीर होना ही पड़ेगा।

जिला कांगडा के कार्यकर्ता 3 दिसंबर को विधान सभा की ओर कूच करेंगे । यह संघर्ष छात्रों के अधिकारों और प्रदेश के भविष्य के लिए है। परिषद ने साफ कहा है कि यदि सरकार इन मुद्दों पर तत्काल निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।

प्रमुख मांगें

1. छात्र संघ चुनाव बहाल करे प्रदेश सरकार।

2. सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाया जाए।

3. कृषि विश्वविद्यालय की 112 हैक्टेयर भूमि को प्रदेश सरकार द्वारा हस्तारित कर हड़पना बंद करे।

4. कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और नौनी विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपतियों की नियुक्ति शीघ्र की जाए।

5. केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला परिसर के भवन निर्माण हेतु पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में लंबित 30 करोड़ रुपये तुरंत जमा करवाए जाएं।

6. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से लागू की जाए।

7. महाविद्यालय / हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए।

8. प्रदेश के विश्वविद्यालय HPU/SPU में मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए।

9. हिमाचल प्रदेश के 100 स्कूलों को CBSE में बदलने का निर्णय वापस किया जाए।

10. 5 लाख नौकरियों के झूठे दावे बंद कर स्थाई रोजगार दिया जाए।

11. प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी पर नियंत्रण किया जाए।