कांग्रेस सरकार इतिहास की “सबसे झूठी और निकम्मी: राजेंद्र सिंह राणा

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राणा तथा भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर द्वारा आयोजित आज की संवाददाता-वार्ता में उन्होंने वर्तमान सुक्खू सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार इतिहास की “सबसे झूठी गारंटी” देने वाली सरकार है।

 

 

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पहले बड़े-बड़े वादे और गारंटियां जनता को दी, फिर सरकार गठन होते ही खजाने के खाली होने की आड़ लेकर महाभ्रम मचाना शुरू कर दिया।

 

राणा ने कहा कि राज्य का टैक्स और अन्य संसाधन राज्य हित के बजाय, “सुखु के दोस्तों” और उनके चहेतों में बांटने में खर्च हो रहा है। इस तरह जनता का विश्वास टूट रहा है, और विकास का नाम सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब संसाधनों का इस्तेमाल विपक्ष के नेताओं और भाजपा विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने में कर रही है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को दबाया जा सके।

 

राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण सनातन धर्म व उसके अनुयायियों के प्रति नकारात्मक है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने पहले कहा था कि कांग्रेस 97% हिन्दू बहुल राज्य में हिन्दुत्व की विचारधारा को हराकर सत्ता में आई है, और अब वह बच्चों को “राधे-राधे” कहकर अभिवादन न करने की सलाह देते हैं। यह बातें स्पष्ट करती हैं कि उनकी सोच धार्मिक सदभाव और हिमाचल की संस्कृति के विरुद्ध है।

 

उन्होंने कहा कि सुखु सरकार ने अपने शासनकाल में अभूतपूर्व कर्ज़ लिए हैं, जो भविष्य की पीढ़ियों को प्रति व्यक्ति लाखों रुपए का बोझ देंगे, लेकिन इसके बावजूद भी जनता को विकास और बेहतर सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

 

राणा ने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक ईमानदार अधिकारी विमल नेगी को, जो राज्य सरकार में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना चाहते थे, “सरकार के दवाब” में आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ व्यक्तिगत दुख नहीं, बल्कि राज्य सरकार की व्यवस्था की ज़ंजीरों में जकड़न और सत्ता के दुरुपयोग की तस्वीर है।

 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत दिनों दिन बिगड़ रही है, और बन्दूक से फायरिंग की घटनायें आम होती जा रही हैं, जो कि “राज्य सरकार द्वारा समर्थित माफिया” और अवैध तत्वों को सरकार द्वारा पनाह लेने का साफ़ उदहारण है।

 

राणा ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू अक्सर अन्य राज्यों की यात्रा करते रहते हैं और वहाँ अपने गुप्त मित्रों द्वारा स्पॉन्सर किये गए होटलों में रहते हैं, बजाय इसके कि वे राज्य सरकार के गेस्ट हाउसों में ठहरें, जहाँ मुख्यमंत्री के लिए विशिष्ट सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उनका कहना था कि यह दिखाता है कि उन्हें हिमाचल की जनता या उसके संसाधनों से ज्यादा, निजी सुविधाएँ व दोस्तों की भलाई मायने रखती है।

 

उन्होंने अंत में कहा कि इस सरकार ने झूठ बोलने का नया रिकार्ड बना लिया है। और विडंबना की बात यह है कि जब उनकी सरकार अपने “विफल शासन” की असफलताओं को छुपाने की कोशिश करती है, तो वे इन असफलताओं के बीच “डिजास्टर एक्ट” का हवाला देकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को टालने की योजना बना रहे हैं, जो लोकतंत्र और जनता की आवाज़ को दमन करने के बराबर है।