संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ के तत्वाधान में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :-   संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ के तत्वाधान में शिमला विलो बैंक होटल में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने उद्घाटन सत्र में मार्गदर्शन प्रदान किया ।

उन्होंने कहा कि चिट्टा पर चोट नामकरण अपने आप में प्रासंगिक है जो की हिमाचल से चिट्टा उन्मूलन में मदद करेगा । हिमाचल के भविष्य को बचाने के लिए ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर समाज का जागरूक होना अत्यधिक आवश्यक है ।

 

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को बधाई देते हुए कहा कि जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चिट्टा के विरुद्ध कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने का संकल्प विधानसभा सत्र के दौरान लिया ।

उन्होंने कहा कि यदि यह संस्था परामर्श सुधार और जागरूकता प्रदान करने में सक्षम होती है तो यह चिट्ठा उन्मूलन के अभियान में यह संस्था आवश्यक सफलता प्राप्त करेगी । चिट्टा न केवल समाज को खोखला कर रहा है अपितु यह राष्ट्र के लिए भयंकर आपदा है ।

उन्होंने कहा कि हर वर्ग के लोग इस अभियान में जुड़ने जा रहे हैं जिसका उदाहरण संजीवनी ए ग्रुप ऑफ एनजीओ में समस्त हिमाचल से सतरह स्वयं सेवी संस्थाओं का जुड़ना है । हमें आज यह शपथ लेनी पड़ेगी जिससे हम हिमाचल को नशा से मुक्त करवा सके ।

उन्होंने इस प्रयास में संजीवनी संस्था की सराहना की ।उन्होंने संजीवनी के उपाध्यक्ष अर्की क्षेत्र की महिलाओं की प्रशंसा की जिसपरकर उन्होंने खेल खिलाओ और नशा भगाओ अभियान के तहत लगातार एक महीने तक अपने क्षेत्र में अभियान चलाया और लोगों को जागरूक किया ।

 

चिट्टा पर चोट प्रासंगिक बनाने के लिए हमें अपने घरों से शुरुआत करनी पड़ेगी और समाज में संवाद स्थापित करना पड़ेगा । जिससे भावी पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके ।

 

इस कुरीति को समाप्त करने के लिए हमें शक्ति और संवेदनशीलता के माध्यम से आगे बढ़ना होगा । उन्होंने अपने संबोधन में एक नारा दिया ना नशा करेंगे ना नशा करने देंगे ।

 

 

इस कार्यशाला के अंतर्गत दूसरे सत्र में आईजीएमसी अस्पताल की डॉक्टर निधि ने संबोधित किया जिन्होंने अपने संबोधन में परिवार और समाज की सहभागिता तथा मनोरोग और चिट्टा के दुष्प्रभाव और उसके वैज्ञानिक कारकों पर अपने विचार रखें इसके अलावा उन्होंने प्रतिभागियों के प्रश्नों का भी उत्तर दिया ।

कार्यशाला के तीसरे सत्र में हिमाचल पुलिस के आईपीएस अधिकारी डीआईजी अरविंद नेगी ने संबोधित किया उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए पुलिस और समाज की सहभागिता पर अपने विचार रखें ।

 

उन्होंने पुलिस के द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखें और तकनीकी जानकारी भी प्रदान की और प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर दिया ।

इस प्रदेश स्तरीय कार्यशाला के तीसरे सत्र को वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष वर्मा ने संबोधित किया जिन्होंने चिट्टा और एनडीपीएस पर कानूनी पहलुओं का उल्लेख किया । जिसमें उन्होंने पुलिस समाज और परिवार के दायित्वों और कर्तव्य और कानूनी अधिकारों के बारे में चर्चा की । उन्होंने सरकार के द्वारा बनाए गए कानून और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की ।

 

इस प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में लगभग पूरे प्रदेश से सत्रह संस्थाओं के लगभग 205 प्रतिनिधियों ने भाग लिया । कार्यशाला के अंतिम सत्र में सभी प्रतिनिधियों ने नशा उन्मूलन एवं चिट्टा पर चोट करने की शपथ ली ।

 

इस कार्यशाला में  महेंद्र धर्मानी ,  ओ पी शर्मा , पूर्व आईएएस अधिकारी  टी सी कपूर ,  सुरेंद्र ठाकुर ,  जोगिंदर कंवर ,  नरेश शर्मा ,  धर्म प्रकाश ,  टिक्कू ठाकुर ,  कमल ठाकुर ,  रतन ठाकुर ,  अतुल शर्मा ,  संदीप ऑक्टा,  राकेश शर्मा ,  मनीष मांडला,  विकास नाहर ,  सुरेश कुमार मुंदरी ,  प्रदीप ,  रोहित शर्मा , कुमारी दीक्षिता,  दीक्षा , कुमारी आरती चौहान ,  मति नीलम सरेक,  महेंद्र , मुनीश शर्मा , नितिन ठाकुर ,  चेतन गुलेरिया ,  कुंदन ,  संजीव शर्मा ,  अजय , डॉ जोगिंदर सकलानी ,  विशाल कुमार , दिवेंद्र ,डॉ नितिन व्यास , आदि उपस्थित रहे ।
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