



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा है कि किसी भी तरह की आपदा के समय स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान यदि बचाव कार्यों को तुरंत एवं सुनियोजित ढंग से शुरू किया जाए तो जान-माल के नुक्सान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
त्वरित एवं सुनियोजित प्रतिक्रिया से बचाई जा सकती है लोगों की जान



मंगलवार को कॅरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय खरवाड़ के परिसर में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा युवा आपदा मित्र योजना के तहत आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए अभिषेक गर्ग ने कहा कि आपदा के समय एक-एक नागरिक की जान और बचाव कार्यों में उसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए, आम लोगों को आपदा प्रबंधन की बेसिक जानकारी अवश्य होनी चाहिए। इसी के मद्देनजर युवा आपदा मित्र योजना आरंभ की गई है।



डीडीएमए ने कॅरियर प्वाइंट विवि में आयोजित किया सात दिवसीय शिविर

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पंचायत स्तर पर आपदा मित्र एवं स्वयंसेवी तैयार करने के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के एनसीसी, एनएसएस और स्काउट एंड गाइड के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कॅरियर प्वाइंट विवि में भी सात दिवसीय शिविर आयोजित किया गया है।

युवा आपदा मित्र योजना के तहत 91 विद्यार्थियों को दिया गया प्रशिक्षण
एडीसी ने शिविर के प्रतिभागियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरुक करने में और किसी भी तरह की आपात परिस्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों में बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की आपात परिस्थिति से सुनियोजित ढंग से निपटने के लिए देश में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) से लेकर, राज्य में एसडीएमए और जिला में डीडीएमए से लेकर उपमंडल स्तर तक एक समग्र एवं सक्रिय तंत्र स्थापित किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य आपात परिस्थिति में समन्वित तरीके से तत्काल प्रतिक्रिया करना और आपदाओं के संभावित प्रभाव से लोगों और संपत्ति के नुकसान को कम करना है। उन्होंने बताया कि पूरा हिमालयन क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन में आता है। इसके मद्देनजर आम लोगों में जागरुकता बहुत जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और 16 दिसंबर को हमीरपुर में चिट्टे के खिलाफ आयोजित की जाने वाले मैगा वॉकथॉन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील भी की तथा शिविर के लगभग 91 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर कॅरियर प्वाइंट विवि के कुलपति डॉ. संजीव शर्मा ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और युवाओं में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया।
प्रोफेसर मनु विनीत शर्मा ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। रजिस्ट्रार गुलशन संधू ने सभी धन्यवाद किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और डीडीएमए के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।















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