चिट्ठे समेत मां-बेटा गिरफ्तार, घर से ही करते थे: काली कमाई

कांगड़ा/विवेकानंद वशिष्ठ  :-  हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार जिस तेजी से फैल रहा है। नशा तस्करी अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने वाली एक गंभीर चेतावनी बन चुका है। हालात इतने खतरनाक हो चुके हैं कि अब इस अवैध धंधे में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल पाई जा रही हैं।

कई मामलों में तो पूरा परिवार ही चिट्टे-चरस के काले कारोबार में लिप्त मिला है। किसी के घर से सप्लाई का काम होता है, कोई पैसे का लेन-देन संभालता है और कुछ युवक-युवतियां डिलीवरी तक पहुंचाने का रोल निभाते हैं। ऐसा ही एक मामला अब कांगड़ा जिले से सामने आया है।

यहां नूरपुर पुलिस टीम ने देहरी में एक महिला और उसके दो बेटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मां-बेटे मिलकर घर से नशे का धंधा करते थे। पुलिस टीम ने रिहायशी मकान में तलाशी के दौरान उनसे अलग-अलग तरह का नशा, कैश और तराजू बरामक किया है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने नशे की खेप को कब्जे में लेकर मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, एक बेटा अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

130 ग्राम चरस

06.82 ग्राम चिट्टा

102340 रुपए नकदी

डिजीटल तराजू

पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी देहरी, नूरपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-

रंजना देवी पत्नी मदन सिंह

सन्नी कुमार पुत्र मदन सिंह

सुनील कुमार उर्फ नोखा पुत्र मदन सिंह

मामले की पुष्टि करते हुए SP नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। दो आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि, एक आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा उसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा।

वहीं, लोगों का कहना है कि कुछ गांवों में ऐसे परिवार पकड़े गए हैं जिनके तीन-तीन सदस्य इस गंदे धंधे में शामिल थे। महिलाएं अक्सर शक से बचने के लिए “कूरियर” की भूमिका निभाती हैं और सुरक्षित जोन माने जाने वाले इलाकों में आसानी से पहुंचकर सौदा निपटा देती हैं। इस वजह से नेटवर्क और भी मजबूत और पकड़ में आने में कठिन हो जाता है।