हिमाचल को तटीयकरण हेतु अब तक ₹8625 करोड़ का आवंटन: अनुराग सिंह ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज संसद में प्रश्न काल के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से प्रश्न पूछा कि हिमाचल को तटीयकरण तथा क्षतिग्रस्त तटीय संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने अब तक कितनी राशि जारी की है।

 

अनुराग ठाकुर ने हिमाचल में तटीयकरण, अवैध खनन व टिंबर माफिया पर उठाए गंभीर सवाल

 

जवाब में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को अब तक तटीयकरण कार्यों के लिए कुल ₹8625 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि न केवल मौजूदा संरचनाओं के पुनर्निर्माण बल्कि नई चैनलाइजेशन परियोजनाओं के लिए भी उपलब्ध करवाई गई है।

 

संसद में जलशक्ति मंत्रालय से माँगा विस्तृत ब्यौरा, हिमाचल को अब तक ₹8625 करोड़ रुपये मिले

 

अनुराग ठाकुर ने संसद में बोलते हुए कहा “हिमाचल प्रदेश में पिछले 2-3 वर्षों के दौरान आई भीषण बाढ़, अचानक आने वाले फ्लैश फ़्लड्स और क्लाउड बर्स्ट की घटनाओं के कारण प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, ग्रामीण ढांचे तथा जल स्त्रोतों के तटीयकरण को भारी नुकसान पहुँचाया है।

 

 

प्रदेश में अवैध खनन माफिया और टिंबर माफिया के सक्रिय होने से नदियों और जलधाराओं का स्वरूप प्रभावित हुआ, जिससे भारी वर्षा के समय पानी का दबाव कई गुना बढ़ा और विनाशकारी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई।

 

पूरे देश ने देखा कि हिमाचल में बाढ़ आने पर कैसे पुष्पा फिल्म की तरह हजारों कटे पेड़ पानी में बह रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएँ तो अपनी जगह हैं, लेकिन अवैध खनन माफिया और टिंबर माफिया ने नुकसान को और बढ़ा दिया।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि अवैध खनन और टिंबर माफिया पर कड़ी कार्रवाई अब अनिवार्य है, क्योंकि प्राकृतिक जलधाराओं से छेड़छाड़ सीधे तौर पर आपदाओं की तीव्रता बढ़ाती है।

 

इसी पृष्ठभूमि में अनुराग ठाकुर ने संसद में जनशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से यह जानना चाहा कि हिमाचल प्रदेश में तटीयकरण तथा क्षतिग्रस्त तटीय संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने अब तक कितनी राशि जारी की है।

 

प्राप्त उत्तर में जलशक्ति मंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को अब तक तटीयकरण कार्यों के लिए कुल ₹8625 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह राशि न केवल मौजूदा संरचनाओं के पुनर्निर्माण बल्कि नई चैनलाइजेशन परियोजनाओं के लिए भी उपलब्ध करवाई गई है।