नेहा पटियाल ने यूपीएससी में 111वां रैंक किया हासिल,  प्रदेश का बढ़ाया गौरव

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ  :-  देवभूमि हिमाचल ने की मिट्टी ने एक बार फिर देश को एक नायाब हीरा दिया। हिमाचल प्रदेश के जिली हमीरपुर की अधार पंचायत के एक छोटे से गांव नाहलवीं की बेटी नेहा पटियाल ने संघ लोक सेवा आयोग की कम्बाइंड मेडिकल सर्विसेज (सीएमएस) परीक्षा में देशभर में 111वां रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। नेहा की यह कामयावी केवल एक परीक्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि यह बरसों की तपस्या, अनुशासन और एक साधारण परिवार के ऊंचे सपनों की जीत है।
पिता ने संभाली सीमाएं, बेटी संभालेगी स्वास्थ्य का मोर्चा
सेना में सेवाएं दे चुके सुभाष पटियाल की सुपुत्री नेहा पटियाल की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
दिव्य आदर्श स्कूल भोटा ने अपनी पूर्व छात्रा की उपलब्धि पर जताई खुशी
नेहा की सफलता की पटकथा भोटा स्थित दिव्य आदर्श विद्या पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के गलियारों में लिखी गई थी। नेहा ने यहाँ नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की लंबी शैक्षणिक यात्रा तय की। स्कूल के दिनों से ही नेहा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। नेहा के दो जुड़वा भाई भी इसी स्कूल के छात्र रहे हैं और आगामी पढ़ाई कर रहे हैं।
नेहा ने हमारे विश्वास को हकीकत में बदला
स्कूल की सीएमडी कंचन भारद्वाज ने बताया कि नेहा की सफलता ने संस्थान का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा, नेहा केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि अपने आचरण और नेतृत्व क्षमता में भी अद्वितीय थी। स्कूल के समय में उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए हमें हमेशा विश्वास था कि वह एक दिन बड़ी पहचान बनाएगी। आज उसकी मेहनत ने उस विश्वास को हकीकत में बदल दिया है।
ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों को मात
सुभाष पटियाल के घर जन्मी नेहा ने अपनी जड़ों से जुड़े रहकर यह मुकाम हासिल किया है। नेहा ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा (कांगड़ा) से एबीबीएस की पढ़ाई की है।
टांडा मेडिकल कॉलेज से पूरी की थी एमबीबीएस की पढ़ाई
एक ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में से एक को क्रैक करना यह दर्शाता है कि प्रतिभा बड़े शहरों या महंगे कोचिंग संस्थानों की मोहताज नहीं होती।
नेहा की इस उपलब्धि ने नाहलवीं गांव ही नहीं पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जैसे ही उनकी रैंक की खबर क्षेत्र में पहुँची, उनके पैतृक गांव में बधाई देने वालों का ताँता लग गया।