



दडूही/हमीरपुर:- ग्राम पंचायत दडूही की लगातार तीन बार की प्रधान एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उषा बिरला ने आज पाइन रूट प्ले स्कूल के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य अनुरूप आनंद ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें सम्मानित भी किया।
जंक फूड, मोबाइल की लत और गुड-बैड टच पर बच्चों व अभिभावकों को किया जागरूक



प्रधानाचार्य अनुरूप आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि उषा बिरला किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था में लगातार जीत दर्ज करते हुए पिछले 20 वर्षों से पंचायत का सफल प्रतिनिधित्व किया है। वे तीन बार लगातार ग्राम प्रधान रहीं तथा एक बार ब्लॉक समिति सदस्य के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।




उनके कार्यकाल में पंचायत को कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके नेतृत्व में पंचायत में ऐसे निर्णय लिए गए, जिनसे सभी धर्मों और जातियों के लोग आपसी भाईचारे के साथ मिलकर त्योहारों की तरह कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

नशा मुक्ति को लेकर भी उनके द्वारा पंचायत स्तर पर अनेक प्रभावी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्य अतिथि उषा बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि वे पाइन रूट प्ले स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं।


उन्होंने बच्चों की नन्ही-नन्ही लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को आज के समय की कई गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूक किया गया है।

उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल बच्चे जंक फूड और फास्ट फूड की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अनेक बीमारियां जन्म ले रही हैं और शारीरिक विकास भी प्रभावित होता है।

उन्होंने बच्चों को फल, सब्जियां, दूध तथा पारंपरिक पौष्टिक भोजन अपनाने की सलाह दी, जिससे शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क का भी समुचित विकास हो सके।
उषा बिरला ने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज परिवारों में आपसी संवाद कम होता जा रहा है। माता-पिता बच्चों को पर्याप्त समय दें और मोबाइल का सीमित एवं सही उपयोग करें। उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में अवश्य बताया जाना चाहिए।

ताकि वे किसी भी गलत परिस्थिति को समझ सकें और स्वयं को सुरक्षित रख सकें। इस दिशा में माता-पिता और शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने स्कूल के सभी अध्यापकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं दे रहे, बल्कि खेल, गतिविधियों और नैतिक मूल्यों के माध्यम से उनका सर्वांगीण विकास भी कर रहे हैं।
इस अवसर पर स्कूल के अध्यापक, बच्चों के अभिभावक, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।















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