



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अर्थव्यवस्था-फ्रेंडली मोदी सरकार की प्रभावी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव भारत के बैंकिंग सेक्टर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बैंकों की बैलेंस शीट में बड़े सुधार हुए हैं और बैड लोन दशकों के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत है।
बैलेंस शीट में ऐतिहासिक सुधार, बैड लोन दशकों के निचले स्तर पर



अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का ही परिणाम है कि भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।




अनुमान है कि अगले 2.5 से 3 वर्षों में भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। वर्ष 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था-फ्रेंडली नीतियों के चलते भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत हुआ है और बैलेंस शीट में व्यापक सुधार के कारण बैड लोन दशकों के निचले स्तर पर आ गया है।

उन्होंने आगे कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट के अनुसार देश के बैंक पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं। बैंकों की बैलेंस शीट में निरंतर सुधार देखा जा रहा है।
जिससे स्पष्ट है कि लोग और कंपनियां समय पर कर्ज चुका रही हैं और बैंकों पर दबाव कम हुआ है। RBI की ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों का ग्रॉस एनपीए रेशियो सितंबर 2025 तक घटकर 2.1 प्रतिशत रह गया है,।
जबकि मार्च 2025 में यह 2.2 प्रतिशत था। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत का बैंकिंग सिस्टम दिन-प्रतिदिन और अधिक मजबूत होता जा रहा है, जो बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।
अनुराग ठाकुर ने कहा, “वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मजबूत घरेलू मांग, नियंत्रित मुद्रास्फीति और सतर्क मैक्रोइकॉनॉमिक नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था निरंतर गति पकड़ रही है।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जबकि दूसरी तिमाही में यह छह-तिमाही के उच्च स्तर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस वृद्धि में निजी खपत, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, सामान्य से बेहतर मानसून और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की अहम भूमिका रही है।”
उन्होंने कहा कि RBI ने भारत के ग्रोथ ट्रेंड को देखते हुए पूरे वर्ष के लिए विकास अनुमान 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। कारोबारियों को बैंकों से आसानी से कर्ज उपलब्ध हो रहा है, बाजार में मांग बनी हुई है और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते खर्च से खरीद-फरोख्त को मजबूती मिल रही है।
महंगाई भी कई वर्षों के निचले स्तर पर आई है। आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर मजबूत नींव पर खड़ा है और निरंतर विकास के लिए पूरी तरह तैयार है।















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