



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- बड़सर विधानसभा क्षेत्र के साथ हो रहे कथित सौतेले व्यवहार का मामला एक बार फिर सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा बड़सर के लिए स्वीकृत अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य अब तक शुरू न होना प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कार्यशैली, उदासीनता और भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है।

इस मुद्दे को लेकर बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने बड़सर क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समझते हुए क्रिटिकल केयर यूनिट जैसे बड़े प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी, तो प्रदेश सरकार इसे जमीन पर उतारने में अब तक क्यों असफल रही। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया कि बड़सर की जनता के साथ इस प्रकार का अन्याय क्यों किया जा रहा है।


विधायक लखनपाल ने कहा कि बड़सर क्षेत्र में क्रिटिकल केयर यूनिट की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आज भी हमीरपुर, टांडा या शिमला जैसे दूरस्थ अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे न केवल उपचार में देरी होती है बल्कि कई मामलों में मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। यह यूनिट बड़सर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन सकती है।



उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक दुर्भावना के चलते विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्यों को जानबूझकर लंबित रख रही है। जनता के स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना सरकार की जनविरोधी और असंवेदनशील सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के सिद्धांत पर कार्य कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार क्षेत्रीय भेदभाव को बढ़ावा दे रही है।

विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बड़सर क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य शीघ्र शुरू करने को लेकर स्पष्ट समयसीमा बताई जाए और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस परियोजना पर काम आरंभ नहीं हुआ, तो भारतीय जनता पार्टी बड़सर की जनता के स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा बड़सर की जनता के जीवन, स्वास्थ्य और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को हर हाल में धरातल पर उतारने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
















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