



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर (हमीरपुर) में 10 एवं 11 जनवरी 2026 को दो दिवसीय हिंदी कोर्स–ए कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। हिंदी भाषा में क्षमता निर्माण पर केंद्रित यह कार्यशाला सभी शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक तथा व्यावहारिक रूप से उपयोगी सिद्ध हुई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हिंदी शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और नवाचारी बनाना था, ताकि शिक्षक कक्षा-कक्ष में नवीन शिक्षण विधियों, आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोणों एवं अनुभव-आधारित गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।

इस अवसर पर हिंदी शिक्षण के क्षेत्र की दो विशिष्ट एवं अनुभवी शिक्षाविद्—आदरणीया आरती शर्मा तथा आदरणीया सीमा ज्योति —की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यशाला को विशेष ऊँचाई प्रदान की।

कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर दोनों संसाधन व्यक्तियों का बड़ी गर्मजोशी एवं सम्मानपूर्ण स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन की ओर से अकादमिक प्रधानाचार्या डॉ० हिमांशु शर्मा, उप-प्रधानाचार्य अश्वनी कुमार तथा मुख्याध्यापिका कंचन लखनपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में शिक्षकों को निरंतर सीखते रहने, नवाचार को अपनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
आदरणीय आरती शर्मा एक अनुभवी एवं कुशल स्नातकोत्तर हिंदी शिक्षिका हैं, जिन्हें हिंदी शिक्षण के क्षेत्र में 17 वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। आपने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत हिंदी पाठ्यक्रम की अनेक विषय-विशेष कार्यशालाएँ सफलतापूर्वक संचालित की हैं।
हिंदी शिक्षण में नवाचार के प्रयोग पर आपका विशेष बल रहा है। आपका प्रेरक शिक्षण दर्शन—“बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें जैसा आकार दिया जाए, वे वैसे ही बनते हैं”—ने उपस्थित शिक्षकों को गहराई से प्रभावित किया।
दूसरी रिसोर्स पर्सन के रूप में आदरणीय श्रीमती सीमा ज्योति जी, जो शिक्षा में स्नातकोत्तर, हिंदी में स्नातकोत्तर तथा संस्कृत जैसी उत्कृष्ट शैक्षणिक योग्यताओं से सम्पन्न हैं, को विद्यालयों में 15 वर्षों का शिक्षण अनुभव प्राप्त है।
आपने अपने विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि विषय का गहन ज्ञान, अनुशासन तथा मूल्य-आधारित शिक्षा ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की सुदृढ़ आधारशिला है।इस दो दिवसीय कार्यशाला में 60 शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।
दोनों विदुषी शिक्षिकाओं के अनुभव, मार्गदर्शन एवं प्रेरक विचारों से प्रतिभागी शिक्षक अत्यंत लाभान्वित हुए। कुल मिलाकर यह हिंदी कोर्स–ए कार्यशाला शिक्षकों के लिए सीखने, चिंतन करने और अपने शिक्षण कौशल को निखारने का एक सशक्त, प्रेरणादायी एवं स्मरणीय मंच सिद्ध हुई।
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