भारतीय अर्थव्यवस्था की कुंजी पर्यटन उद्योग : सुमन प्रजापति

बड़सर /हमीरपुर:- वैश्विक पर्यटन उद्योग में उभरते अवसरों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने की दिशा में हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय टूरिज्म क्षेत्र में उद्यमिता कौशल कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रख्यात शिक्षाविद सुमन प्रजापति ने कहा कि बदलते समय में पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं के लिए स्थायी और आत्मनिर्भर रोजगार का अवसर है।

 

रोज़गार सृजन, स्टार्टअप संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था का सशक्त माध्यम है। पर्यटन उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था के लिए न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि यह रोजगार सृजन, सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। यह क्षेत्र साल दर साल विकसित हो रहा है और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भारत की उपस्थिति को मजबूत कर रहा है।

 

टूरिज्म सेक्टर में होटल प्रबंधन, ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर, टूर गाइड, होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म, इको-टूरिज्म, फोटोग्राफी, ट्रांसपोर्ट, फूड एंड हैंडीक्राफ्ट जैसे अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। विशेषकर पहाड़ी राज्य हिमाचल में प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और परंपराएं पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं।

 

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे हिमाचल की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए उद्यमी सोच विकसित करें। टूरिज्म उद्यमी में नेतृत्व क्षमता, जोखिम उठाने का साहस, स्थानीय से वैश्विक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी, योजना एवं प्रबंधन कौशल के साथ- साथ वैश्विक दृष्टिकोण होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया की पर्यटन व्यवसाय में गुणवत्ता , विश्वसनीयता, ग्राहक-केंद्रित सोच, नवाचार और डिजिटल समझ के साथ सतत विकास होना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा, प्रशिक्षण और कौशल विकास का अवसर मिले तो वे पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम ने इस क्षेत्र को और अधिक सुलभ बना दिया है।

 

 

सुमन प्रजापति ने विद्यार्थियों कहा की युवा टूरिज्म सेक्टर को केवल नौकरी के रूप में न देखें, बल्कि इसे उद्यमिता के अवसर के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न पर्यटन और कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाकर युवा अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।

 

सुमन प्रजापति ने कहा की, “ युवा पर्यटन व्यवसाय को डिजिटल टूरिज्म, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे मॉडल, लोकल आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स और कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म से जोड़ता है, तो वह न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने में भी योगदान दे सकता है।” वर्तमान में डिजिटल मार्केटिंग, ट्रैवल मैनेजमेंट, टूरिस्ट गाइड, अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का ज्ञान, अतिथि सत्कार जैसे क्षेत्रों में दक्षता प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं ।

 

व्यवसाय की शुरुआत स्थानीय स्तर शुरू कर एक वैश्विक ब्रांड खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने कहा की टूरिज्म केवल घूमना नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और वैश्विक जुड़ाव का सशक्त माध्यम है।

 

विद्यालय की प्रधानाचार्या सरला ठाकुर ने मुख्य वक्ता सुमन प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंटकार कर आभार व्यक्त करते हुए कहा की कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए स्थानीय संसाधनों के नवाचारपूर्ण उपयोग और स्थायी पर्यटन की अवधारणाओं को समझने और जोड़ने वाली रही। इस अवसर पर वोकेशनल ट्रेनर अखिल, शैली डोगरा समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहे ।