



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ प्रवीण चौधरी के मार्गदर्शन में आई .टी. आई हमीरपुर , में कुष्ठ रोग के ऊपर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया !
इस मौके पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिस में छात्रों ने कुष्ठ सम्बन्धी जानकारियाँ अपनी -2 स्पर्धा के माध्यम से प्रस्तुत की !
भाषण प्रतियोगिता में पलक को प्रथम, अभिषेक को द्वितीय व मोनिका को तृतीय पुरस्कार मिला ! इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक तिलक राज ने कहा की कुष्ठ रोग एक धीमी गति से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जिसका कीटाणु शरीर में प्रवेश करने के बाद इसके लक्षण आने में लगभग चार से छह: साल का समय लग जाता है ! इसके शुरूआती लक्षणों में मुख्यतः शरीर के किसी भी हिस्से में एक या एक से अधिक सफ़ेद, लाल या तांबे के रंग के दाग हो सकते हैं उनमें सुन्नपन होना, हाथ की उँगलियों में कम पकड़ होना , त्वचा पर उभार व् मोटा होना और कठोर व् शुष्क होना, हाथों , बाहों, पैरों के तलवों में सुन्नपन होना, शरीर के घाव का कई सप्ताह व महीनों तक ठीक न होना, शरीर की किसी भी भाग की नशों का मोटा होना, भोंहों के बालों का कम होना या चेहरे की त्वचा का अधिक तैलीय होना, कुष्ठ रोग की निशानी हो सकते हैं।






इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से बीसीसी समन्वयक सुलोचना ने बताया की कुष्ठ रोगियों की समय पर पहचान करना आसान है तथा इसका इलाज भी संभव है , समय पर पहचान करके इससे पूर्णता निजात पाई जा सकती है तथा इससे होने वाली अपंगता से भी बचा जा सकता है और बताया की कोई भी लक्षण शरीर में दिखाई दें तो शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (एम. डी. टी.) कोर्स से कुष्ठ रोग को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है l यह सभी दवाइयां सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में नि: शुल्क मिलती हैं एम. डी. टी दवाइयों का 6 महीने तक नियमित सेवन करने से कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है l
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ रोग अधिकारी कृष्ण कुमार भी उपस्थित रहे !
इस अवसर पर संस्थान के प्रिंसिपल सुभाष चंद शर्मा ने भी अपने विचार रखे और संस्थान के सभी कर्मचारी भी उपस्थित रहे !

















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