



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिमाचल प्रदेश सरकार के सचिव (कृषि ) डॉ. सी. पॉलरासु ने घोषणा की कि कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश में एक स्पाइस पार्क और आलू प्रोसेसिंग फैसिलिटी बनाएगा। नेचुरल खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को शिमला में डॉ. पॉलरासु की मौजूदगी में दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये।
कृषि विभाग ने दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये: डॉ. सुनील चौहान



इन समझौता ज्ञापनों पर कृषि निदेशक डॉ. आर.एस. जसरोटिया, हिमाचल प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी तथा जायका कृषि परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने ए.पी.जी. फूड्स डिवीजन और ए.आर.एफ.एम फूड्स के साथ स्पाइस पार्क और आलू उत्पाद प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए हस्ताक्षर किए।



कृषि विभाग ने मसालों और आलू से संबंधित इन परियोजनाओं की स्थापना के लिए हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना-II, जायका-ओडीए, को सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी है।
हल्दी, अदरक और लहसुन के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु प्रस्तावित स्पाइस पार्क हमीरपुर जिले के नादौन में स्थापित किया जाएगा, जबकि इसका प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र सिरमौर जिले के धौलाकुआं में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत बनाया जाएगा।

वहीं, आलू प्रसंस्करण संयंत्र ऊना जिले के धंदड़ी (अंब) में लगभग 2.20 हेक्टेयर तथा पेखुबेला फार्म में लगभग 2.0 हेक्टेयर भूमि में आधुनिक आधारभूत संरचना एवं सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगीं।
आलू प्रसंस्करण संयंत्र ऊना की न्यूनतम प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 10–20 मीट्रिक टन कच्चे आलू की होगी अथवा अंतिम रूप से स्वीकृत डीपीआर के अनुसार क्षमता निर्धारित की जाएगी।
इसके माध्यम से प्रतिदिन 2.5–5 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला आलू पाउडर/फ्लेक्स तैयार किये जाएंगे, जिन्हें बाजार की मांग के अनुरूप बढ़ाया जा सकेगा। तैयार उत्पादों की न्यूनतम शेल्फ लाइफ उचित पैकेजिंग और भंडारण के साथ 12 माह तक होगी।
















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