



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिम अकादमी पब्लिक स्कूल, विकास नगर हमीरपुर के लिए यह अत्यंत गौरव, हर्ष और सम्मान का विषय है कि विद्यालय के मेधावी छात्र चिन्मय ने देश-स्तरीय 11वें इनोवेंचर प्लस महा फाइनल में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया।

यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता एन.आई.सी.एम.ए.आर विश्वविद्यालय, पुणे में भव्य रूप से आयोजित की गई, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से एक लाख बीस हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।


बहु-चरणीय, कठोर एवं निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया के पश्चात प्रत्येक कक्षा से केवल पचास प्रतिभागियों का चयन किया गया। इस राष्ट्रीय महा फाइनल में चिन्मय हिमाचल प्रदेश के एकमात्र प्रतिनिधि रहे।



उनका यह चयन न केवल उनकी प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की नवाचार क्षमता को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने वाला सिद्ध हुआ।
चिन्मय द्वारा प्रस्तुत नवाचार दैनिक जीवन की एक महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक समस्या से संबंधित था, जिसमें घरेलू वस्तुओं की समाप्ति तिथि, वारंटी, नवीनीकरण तथा आवश्यक दस्तावेजों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित प्रबंधन का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया गया।

चिन्मय ने डिज़ाइन थिंकिंग प्रक्रिया को आधार बनाते हुए अपने पारिवारिक अनुभवों और वास्तविक जीवन के अवलोकनों से प्रेरणा लेकर एक एंड्रॉइड आधारित अनुप्रयोग का प्रारूप विकसित किया।
यह अनुप्रयोग न केवल समय और संसाधनों की बचत करता है, बल्कि आम जनजीवन को अधिक संगठित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतिम चरण में चिन्मय ने निर्धारित चार मिनट की समयावधि में अत्यंत आत्मविश्वास, स्पष्टता और प्रभावशीलता के साथ अपने नवाचार का प्रस्तुतीकरण किया।
उन्होंने अनुप्रयोग की रूपरेखा, कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा भावी विस्तार की संभावनाओं को सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे निर्णायक मंडल अत्यधिक प्रभावित हुआ और उन्हें प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक विजेता घोषित किया गया।
इस गरिमामय आयोजन की शोभा बढ़ाने हेतु डॉ. अभय जेरे, उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) एवं भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के मुख्य नवाचार अधिकारी, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आजीवन अध्ययन, सृजनशीलता और नवाचार के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से प्रधानाचार्या श्रीमती नैना लखनपाल, डॉ. हिमांशु शर्मा सहित समस्त शिक्षकगणों ने चिन्मय को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। विद्यालय परिवार ने इस सफलता को संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार-उन्मुख दृष्टिकोण का प्रतिफल बताया।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चिन्मय ने अपने माता-पिता, मार्गदर्शकों तथा विद्यालय नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने विशेष रूप से अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका मृदुला शर्मा का आभार व्यक्त किया, जिनके सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा और शैक्षणिक सहयोग से उनका नवाचार विचार साकार रूप ले सका।















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