



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) हमीरपुर के अध्यक्ष अजय शर्मा ने बुधवार को कृषि और उद्यान विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ कुठेड़ा क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने क्षेत्र के प्रगतिशील किसान एवं शिक्षा विभाग से उपनिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए देशराज शर्मा के बागीचे का जायजा लिया।
अधिकारियों के साथ प्रगतिशील किसान के घर पहुंचकर दी योजनाओं की जानकारी



देशराज शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए अजय शर्मा ने कहा कि इन्होंने कृषि-बागवानी के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। इन्होंने कम ऊंचाई वाले क्षेत्र में भी सेब की फसल तैयार करके दिखाई है और पिछले सीजन में लगभग चार क्विंटल सेब बाजार में बेचा है।



कुठेड़ा क्षेत्र को एचपीशिवा परियोजना के अंतर्गत लाने के लिए उठाए जाएंगे कदम

इसके अलावा लगभग 70 हजार रुपये की मक्की, आलू और मूली इत्यादि भी बाजार में बेची। उनके बागीचे में सेब, अमरूद, अंगूर, किन्नू, गलगल, अंजीर और लीची इत्यादि की भी अच्छी पैदावार हो रही है।

अजय शर्मा ने कहा कि देशराज शर्मा के सफल प्रयोग को देखते हुए कुठेड़ा क्षेत्र को उद्यान विभाग की एचपीशिवा परियोजना के अंतर्गत लाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे। इससे यहां बड़े पैमाने पर बागवानी को बढ़ावा मिलेगा।
एपीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि किसानों, बागवानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कई बड़े निर्णय लिए हैं।
प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की, गेहूं और हल्दी के लिए मुख्यमंत्री ने अलग से उच्च दाम निर्धारित किए हैं। प्रदेश सरकार इस विधि से उगाई गई मक्की को 40 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं को 60 रुपये और कच्ची हल्दी को 90 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रही है।
दूध के दाम में भी रिकॉर्ड वृद्धि की गई है। किसानों-बागवानों को प्रदेश सरकार की इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।

इस अवसर पर उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. शशिपाल अत्री, एपीएमसी के सचिव गोपाल कृष्ण और अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र के किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।














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