हिमाचल में मानव तस्करी का भंडाफोड़, झारखंड से लाए गए थे, 5 मासूम बच्चे

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर  में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महिला पुलिस थाना हमीरपुर ने झारखंड से बच्चों को लाकर उनसे मजदूरी करवाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

 

पुलिस ने इस मामले में झारखंड निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया है और दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू करने में सफलता हासिल की है।

 

इस घिनौने व्यापार का खुलासा तब हुआ जब चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को हेल्पलाइन नंबर के जरिए इन बच्चों के बारे में गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग और बाल संरक्षण इकाई ने संयुक्त रणनीति बनाई। छापेमारी के

 

दौरान पुलिस ने दो बच्चों को सुरक्षित बरामद किया, जिनमें से एक को हमीरपुर और दूसरे को कुल्लू जिले से रेस्क्यू किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी महिला दुलारी देवी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

जांच में सामने आया है कि वह हिमाचल के ही एक व्यक्ति के संपर्क में थी और उसी के कहने पर झारखंड से कुल 5 नाबालिग बच्चों को तस्करी कर यहां लाई थी।

आशंका जताई जा रही है कि बाकी 3 बच्चों को भी राज्य के अलग अलग हिस्सों में बाल मजदूरी के लिए “बेचा” या काम पर

लगाया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय नेटवर्क को खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन बच्चों को लाने के बदले में कितना पैसा लिया गया और इस नेटवर्क में हिमाचल के कौन-कौन से स्थानीय लोग शामिल हैं।

एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने कहा कि हमने मानव तस्करी और बाल श्रम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुख्य आरोपी महिला से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके और शेष बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जा सके।”