



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- जिला हमीरपुर के नेरी स्थित ठाकुर रामसिंह इतिहास शोध संस्थान में आज ठाकुर रामसिंह की 111वीं जयंती समारोह श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल एवं महंत सूर्यनाथ उपस्थित रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल



कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वरशरण विश्वकर्मा ने की तथा मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी रहे। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद सिकंदर कुमार एवं राजीव भरद्वाज, प्रदेश भर के विधायक, पूर्व विधायक तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा- इतिहास का सम्मान ही राष्ट्र की शक्ति का आधार

अपने संबोधन में प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने ठाकुर रामसिंह को उनकी 111वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ठाकुर रामसिंह एक महान व्यक्तित्व थे। उन्होंने इतिहास के क्षेत्र में जो कार्य किया, वह स्वयं एक उल्लेखनीय इतिहास बन गया। उन्होंने कहा कि ठाकुर रामसिंह का यह संदेश कि “जो समाज या राष्ट्र अपने इतिहास को नहीं जानता, उसका सम्मान नहीं करता या उसे भूल जाता है, वह स्वयं नष्ट हो जाता है” आज भी उतना ही प्रासंगिक है।


प्रो. धूमल ने कहा कि ठाकुर रामसिंह आदिकाल के तपस्वियों की भांति सच्चे अर्थों में तपस्वी थे। जीवन के अंतिम वर्षों में, 88 वर्ष की आयु में भी समाज के लिए कार्य करने का उनका उत्साह अद्भुत था। जो भी उनके संपर्क में आया, वह उनके विचारों और व्यक्तित्व से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका।

उन्होंने कहा कि नेरी कभी एक दूरस्थ और अपेक्षाकृत एकांत स्थान था, किंतु ठाकुर रामसिंह की इच्छा के अनुरूप यहां इतिहास शोध संस्थान की स्थापना के बाद आसपास के क्षेत्रों में बागवानी विश्वविद्यालय केंद्र, होटल प्रबंधन महाविद्यालय तथा तकनीकी विश्वविद्यालय जैसे अनेक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हुई। प्रो. धूमल ने कहा कि इस क्षेत्र में इतने संस्थानों की स्थापना ठाकुर रामसिंह की कठोर तपस्या और अथक परिश्रम का ही परिणाम है।

उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ कि वे ठाकुर रामसिंह से मिले और संघ, संगठन तथा हमारे महान राष्ट्र के इतिहास के बारे में उनसे बहुत अधिक जानने का अवसर मिला। उन्होंने इतिहास के क्षेत्र में तपस्या और परिश्रम करने वाले चेतराम के योगदान को भी याद किया।
प्रो. धूमल ने कहा कि वे विशेष रूप से यहां इसलिए आए हैं ताकि “जो ज्ञान की गंगा इस समारोह में बहेगी, उसमें मुझे भी हाथ धोने का अवसर मिले।” उन्होंने यह भी कहा कि यह सभी के लिए गर्व की बात है कि केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने ठाकुर रामसिंह के आदर्शों को आत्मसात करने और इतिहास संरक्षण के कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।















Total Users : 127111
Total views : 192297