



नादौन/हमीरपुर:- शिक्षा को केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रखते हुए उसे संवेदनशील, जागरूक और मानवीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए समग्र शिक्षा एवं पीरामल फाउंडेशन के तत्वावधान में 16 फरवरी को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौना करौर में सोशल, इमोशनल एंड एथिकल (SEE) लर्निंग विषय पर दो दिवसीय (16–17 फरवरी) क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में जिला के 20 विद्यालय प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों ने भाग लिया।
समग्र शिक्षा एवं पीरामल फाउंडेशन के तत्वावधान में



कार्यक्रम का उद्घाटन डीपीओ समग्र शिक्षा (गुणवत्ता) श्री नवीन कुमार जी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “SEE लर्निंग विद्यालयों में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण निर्माण की सशक्त आधारशिला है।”



डाइट हमीरपुर के प्रधानाचार्य मदन बन्याल ने भी उपस्थित रहकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा इस पहल को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यशाला के दौरान आत्म-करुणा, सोच संबंधी भ्रम (Thinking Traps), दृढ़ता (High, OK एवं Low Zone), परस्पर निर्भरता तथा करुणा जैसे विषयों पर गतिविधि-आधारित सत्र आयोजित किए गए। समूह चर्चा, चिंतन एवं संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक समझ प्रदान की गई।

प्रतिभागियों ने इसे आत्म-विकास, भावनात्मक सशक्तिकरण एवं नेतृत्व क्षमता संवर्धन की प्रभावी पहल बताया।
इस आयोजन में पीरामल फाउंडेशन की ओर से श्रीमती हीना कालरा जी मुक्य वक्ता एवं स्त्रोत के रूप उपस्थित रहे इसके अतिरिक्त डाइट हमीरपुर से प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर के तौर से श्री पुनीत कुमार एवं पिरामल फाउंडेशन से गांधी फेलो अनुप्रिया , जगन एवं कृष्णा खेत्री ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
पीरामल फाउंडेशन की ओर से प्रोग्राम मैनेजर (हिमाचल प्रदेश) श्री राजेंद्र ठाकुर ने सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह पहल विद्यालयों को संवेदनशील, सहृदय एवं नैतिक समाज निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
















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