



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर इकाई ने 20 अप्रैल , 2023 को पालमपुर बस स्टैंड में हुए छात्रा पर हमले के विरोध में उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना प्रदर्शन किया ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पालमपुर में हुई अमानवीय घटना के विरोध में आज उपायुक्त कार्यालय शिमला के बाहर धरना प्रदर्शन किया और प्रदेश में चरमराई कानून व्यवस्था , प्रदेश में बढ़ रहे आपराधिक मामले और प्रदेश में बढ़ रहे नशे के कारोबार के विरोध में जमकर नारेबाजी की ।


सुक्खू सरकार में कानून व्यवस्था तार-तार, महिला सुरक्षा पर उठे सवाल



शिमला जिला सयोंजक दुशाला संस्टा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में असफल हो गई, सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी-बड़ी गैरंटी प्रदेश की महिलाओं को दी थी, परंतु वह सारी झूठी साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि अगर बात की जाए तो पालमपुर बस स्टैंड की तो दिन दहाड़े एक युवक ने बेख़ौफ़ होकर युवती पर तेजधार हथियार से हमला कर के लहूलुहान कर दिया ,जिसके कारण उस छात्रा को गहरी चोटें आई तथा आज वह जिंदगी और मौत की लड़ाई पीजीआई में लड़ रही है।

व्यवस्था परिवर्तन के साथ बिगड़ी कानून व्यवस्था
अभाविप हिमाचल प्रदेश के प्रदेश सह मंत्री सत्यम ठाकुर ने कहा कि पालमपुर की देवभूमि हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत कष्टदाई है जो की पुलिस प्रशासन के ऊपर भी सवाल खड़े कर रही है , उन्होंने कहा कि जहां पूरा प्रदेश इस घटना से सहन गया है वहीं एसपी कांगड़ा द्वारा इस घटना पर दिए गया बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “क्राइम इस अनप्रेडिक्टेबल”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उनके इस बयान का विरोध करती है और व्यवस्था परिवर्तन पर सवाल उठाते हुए कहा की परिवर्तन तो नही हुआ बल्कि देवभूमि में महिलाएं और भी ज्यादा असुरक्षित हो गई हैं।

शिमला के आरकेएमवी की कार्यकर्ता सानिया शर्मा ने धरने के दौरान कहा की जबसे व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है उस समय से ऐसे ही लगातार हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमरा रही है प्रदेश में चोरी चकारी , लूट ,मर्डर जैसी वारदाते बढ़ती हुई सामने आई है। जिसकी वजह से देव भूमि हिमाचल प्रदेश की छवि विश्व पटल पर धूमिल हो रही है|
अभाविप हिमाचल प्रदेश के सह मंत्री सत्यम ठाकुर ने कहा विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से इस मामले की गंभीरता को समझता हुए इसपर निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग करती है कि इस अपराधी को ऐसी सजा दी जाए कि जिससे आने वाले समय में देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने से पूर्व उसे सजा के बारे में स्मरण करें।
साथ ही साथ उन्होंने यह अभी मन की है कि प्रदेश में बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था और देवभूमि में बढ़ रहे नशा माफिया पर शिकंजा कसने की भी मांग की है।
















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