



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र नेता अक्षय ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा की लोगो को अपने स्वार्थ को पीछे छोड़कर इस संसार में बस रहे अन्य जीवों के खुशहाल जीवन के बारे में भी सोचने की ज़रूरत है।
जलते जंगल भी है बढ़ते तापमान का बड़ा कारण


हम देख सकते हैं कि हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों के जंगलों में लोगो द्वारा अपने स्वार्थ के लिए आग लगाई जा रही है ताकि आने वाली बरसात के बाद जंगलों में घास फूस अच्छे से मिल पाए। लेकिन कहीं न कहीं यह चीज़ लाखो पशु-पक्षियों के लिए अभिशाप की तरह नज़र आ रहा है। लोगो द्वारा इस तरह से जंगलों में आग लगाना किसी मुनुष्य के परिवार या घर के लिए भी खतरनाक हो सकता है।



अगर इस तरह से आग जंगल में पेड़ो से गिरे सूखे हुए पत्तो को खत्म करके सफाई करने के लिए लगाई जा रही है तो लोगो से अनुरोध है कि ऐसे पत्तो को एक जगह इकठ्ठा करके उसे जलाए ताकि इससे किसी भी अन्य जीव को हानि न पहुंचे और जंगल में आग भी न भड़के।
एक तरफ समाज का जागरूक नागरिक होने के नाते कई लोग पशु पक्षियों के लिए बढ़ती गर्मी में पानी के सकोरो को रख कर अच्छे काम में लगे है तो दूसरी तरफ जंगलों में आग लगाकर कई लोग उन्हीं पशु पक्षियों के घरों को खत्म करने में लगे हुए है। न जाने कितने पक्षियों के घर अभी तक जल कर राख हो चुके हैं।

एक तरफ हम देखते हैं दिन प्रति दिन तापमान बढ़ता हुआ नज़र आ रहा है। इसके साथ ऐसे जंगलों में भड़कती हुई आग भी कहीं न कहीं इस बढ़ते हुए तापमान का एक बड़ा कारण है।
इसी लिए हिमाचल की तमाम जनता से अनुरोध है कि सूखे घास को एक जगह इकठ्ठा करके कुछ इस तरह से जलाएं जिससे आग न भड़के और आग खत्म हो जाने तक उसमें नज़र रखे ताकि कोई बड़ी घटना न घटित हो। इससे पहले की कोई बड़ी घटना सामने आए हिमाचल की तमाम जनता को इस पर्यावरण को और हिमाचल के इन जंगलों को बचाना अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी।
















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