



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- प्रदेश कांग्रेस मीडिया कोऑर्डिनेटर व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने केंद्र सरकार के द्वारा लागू की गई शिक्षा पद्धति को कटघरे में खड़े करते हुए कहा है कि नीट परीक्षा में हुई धांधलियों पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
नीट परीक्षा में जिम्मेदारी तय की जाए


संदीप सांख्यान ने कहा कि नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हर वर्ष करीब 20 से 21 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में अपीयर होते हैं जिनमे से करीब 75 प्रतिशत छात्र जीतोड़ मेहनत करते हैं फिर उसके बावजूद भी पेपर लीक जैसी घटनाएं अति निंदनीय है और इस घटना पर केंद्र सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। निजी मेडिकल कॉलेजों के द्वारा जहां भारीभरकम फीस बसूली जाती है वहीं पर छात्र इन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी राह नीट परीक्षा में माध्यम से ताकते हैं



और वहां पर पेपर बिकते हैं। संदीप सांख्यान ने कहा कि केंद्र सरकार को समझना होगा कि नीट 2024 के माध्यम से एमबीबीएस सीटों में प्रवेश का विश्लेषण कैसे हो, उन्होंने बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भारत के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में करीब 1,09,048 एमबीबीएस, करीब 27868 बीडीएस, करीब 52,720 आयुष, करीब 603 पशु चिकित्सा सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। उसमें भी इस तरह की धांधलियां मेहनती छात्रों का मनोबल गिराती हैं।
संदीप सांख्यान ने कहा कि हालांकि इस मामले पर माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी संज्ञान लिया है और सीबीआई ने भी गोधरा में कार्यवाही करते हुए करीब चार पांच लोंगो की गिरफ्तारी की है लेकिन अब प्रश्न यह उठता है यदि यह सब मसले देश के उच्च और उच्चतम न्ययालय या सीबीआई ही सुलझाएगी तो केंद्र में जो सरकार बैठी है उसका क्या रोल है, यह एक बड़ा सवाल है

और इस तरह की घटनाएं दिन रात मेहनत करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की सोच पर क्या प्रवाह पड़ता है और देश की शिक्षा वयवस्था किस दिशा में जा रही है, हालांकि यह एक बड़ा आपराधिक मामला है लेकिन भविष्य में इस तरह की धांधलियों पर लगाम लगाई जानी चाहिए ताकि देश का युवावर्ग हताश न हो।
















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