



हमीरपुर/विवेकानंद। वशिष्ठ :- विधानसभा क्षेत्र सदर से भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत साह्नवी में नुक्कड़ सभाओं में जन आशीर्वाद लिया।

इस मौके पर भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा का सभी ने एक स्वर में समर्थन किया और आशीर्वाद दिया। आशीष शर्मा ने इस दौरान कहा कि यह चुनाव मुद्दों के आधार पर नहीं बल्कि दुष्प्रचार के आधार पर सरकार द्वारा लड़ा जा रहा है। महज मेरे बारे में दुष्प्रचार कर लोगों को भ्रमित कर इस चुनाव को जीतने की नाकाम साजिश की जा रही है।



लेकिन मुख्यमंत्री और उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में तैनात जितने भी बरसाती मेंढक हैं यह जान लें कि हमीरपुर की जनता अपने बेटे के रवैया और चरित्र को भली भांति पहचानती है। वे चाहे जनता को जितना भी बरगलाने की कोशिश करें लेकिन लेकिन जनता का आशीर्वाद हमेशा अपने बेटे के साथ है। मुख्यमंत्री करोड़ों के टेंडर लेने के आरोप लगा रहे हैं लेकिन जो विकास कार्य की लंबी लिस्ट उन्हें सौंपी गयी थी उस पर उनका कुछ नहीं कहना है। क्योंकि वह दस्तावेज तो मुख्यमंत्री ने डस्टबिन में धकेल दिए हैं। अगर उन्हें हमीरपुर की जनता से प्यार होता तो 18 माह के अपने कार्यकाल में हमीरपुर को नया बड़ा संस्थान देते या रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कोई नई परियोजना हमीरपुर जिला के अंदर शुरू करते।



लेकिन मुख्यमंत्री ने नई परियोजना शुरू करने की बजाय हमीरपुर में पूर्व में स्थापित कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पर ही ताला लटका दिया है। जिससे हजारों बेरोजगार युवाओं का भविष्य अभी खतरे में लटका हुआ है। विभिन्न पोस्ट कोड के परिणाम अभी लंबित हैं।
करुणा मूलक आधार पर 15000 के करीब अभ्यर्थियों की एप्लीकेशनस पेंडिंग है ! सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया है। मुख्यमंत्री से विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए बजट मांगा गया लेकिन उन्होंने सदर विधायक की कोई मांग नहीं मानी।

बस अड्डे का शिलान्यास भी आनन फानन में एक मार्च को किया गया। मुख्यमंत्री के अड़ियल और अहंकारी रवैया की वजह से उनकी सरकार के 6 और 3 निर्दलीय विधायक उन्हें छोड़ गये। क्योंकि प्रदेश को बचाने के लिए आवाज उठाने का जिम्मा इन विधायकों ने लिया।
नए संस्थान खोलना तो दूर की बात है लेकिन जो संस्थान पूर्व की भाजपा सरकार में खोले गए थे उन सभी संस्थानों को भी बंद कर दिया है। प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। आशीष ने कहा कि हमीरपुर से कांग्रेस प्रत्याशी लगातार दुष्प्रचार कर और लोगों को डरा धमकाकर चुनाव जीतने का असफल प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बता दें कि लोगों को डरा धमका कर वोट नहीं लिया जा सकता। लोग वोट दिल से करते हैं।
अपने पिता की कारगुजारी लोगों के समक्ष रखें कांग्रेस प्रत्याशी
आशीष शर्मा ने उनसे पूछा है कि क्यों वे अपने पिताजी की कारगुजारी लोगों के सामने नहीं रखते। सभी जानते हैं कि उद्योग मंत्री रहते हुए उनके पिताजी ने कितना भ्रष्टाचार किया था। पिता ने भी सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीति में आकर भ्रष्टाचार किया और अब उनका पुत्र भी इसी नक्शे कदम पर चल रहा है। अगर सेवा करने का इतना ही जज्बा था तो चिकित्सक रहते ही सेवा कर सकते थे। लेकिन वह सेवा के लिए नहीं बल्कि मेवा के लिए राजनीति में आए और अब भ्रामक प्रचार कर लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार के सत्ता का रौब दिखाकर भाजपा के कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया जा रहा है। और तो और पुलिस विभाग भी भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को डराकर कार्य करने से रोक रहा है। लेकिन इसका जवाब जनता आने वाली 10 जुलाई को भाजपा को वोट देकर देगी। उन्होंने सभी से भाजपा के पक्ष में भारी मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पहले की तरह आपका यह बेटा आगे भी आपके बीच में रहकर कार्य करेगा एवं लोगों की मांगों को जोरदार तरीके से विधानसभा में उठाया जाएगा।
















Total Users : 125179
Total views : 189354