



शिमला/विवेकानंद वशिष्ठ :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जो की विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है अपने स्थापना काल से ही छात्रहित में काम करती आई है। विद्यार्थी परिषद का कहना है की प्रदेश सरकार अपने छात्र विरोधी निर्णयों से बाज नहीं आ रही है। एवम प्रदेश भर के आम छात्रों को लूटने का काम किया जा रहा है। ऐसे ही आज अ•भा•वि•प• विश्वविद्यालय इकाई द्वारा कुलपति के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।
टेट परीक्षा फॉर्म भरने की दुगना फीस वृद्धि के निर्णय को वापिस ले प्रदेश सरकार – आशीष शर्मा


इकाई उपाध्यक्ष आशीष शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा की TET की परीक्षा के लिए जहां अभ्यर्थियों को सामान्य कैटेगरी को केवल 800 एवम सूचित अनुसूचित कैटेगरी को 500 रूपए देने पड़ते थे वहीं सरकार द्वारा इस फीस को दुगना करके सामान्य कैटेगरी के लिए 1600 एवक सूचित अनुसूचित कैटेगरी के लिए 1000 कर दिया गया है। जहां छात्र पहले ही अपनी पढ़ाई के लिए इतना खर्चा कर के TET की परीक्षा देने के लिए योग्य बनते हैं लेकिन उसके बाद भी उन्हें ऐसी परीक्षाओं को देने के लिए इतनी भारी भरकम फीस देनी पड़ रही है। तो कहीं न कहीं ये केवल छात्रों से पैसे लूटने का धंधा प्रदेश सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। सरकार छात्रों द्वारा दिए गए इन पैसों का क्या करने वाली है यह भी एक प्रश्न चिन्ह सरकार पर लगता है।



विद्यार्थी परिषद का कहना है की ऐसे छात्र विरोधी निर्णयों को लेना प्रदेश सरकार को बंद कर देना चाहिए और छात्र कल्याण के लिए अच्छे कदम लेने चाहिए। जो छात्र घर परिवार से आर्थिक रूप से कमज़ोर होता है उसके लिए पहले ही फीस देना एक चुनौती होती थी लेकिन अब छात्रों के लिए ये चुनौती दुगनी कर दी गई है। प्रदेश सरकार को केवल अपने निजी लाभ को छोड़कर छात्रों के भविष्य एवम लाभ के लिए सोचना चाहिए एवम कदम उठाने चाहिए।
साथ ही साथ विद्यार्थी परिषद द्वारा अन्य कुछ मांगे भी ज्ञापन के माध्यम से कुलपति के सामने रखी गई जिसमें विश्वविद्यालय के छात्रों लिए नई बसें एवम होस्टलों के हर फ्लॉर में कैमरा लगाने की मांग रखी गई। साथ ही साथ बालासुंदरी लॉ कॉलेज में बांटी गई फर्जी डीग्रियो के स्कैम के विरोध में उसमे उचित से उचित कार्यवाही की मांग की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नए सत्र की शुरुआत हो जी है लेकिन नई बसें जो की कार्यकारी परिषद की बैठक में स्वीकृत की गई थी अभी तक सुविधा में नही आई है।

इकाई उपाध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा की अगर प्रदेश सरकार ने अपने इस फैसले को जल्द वापिस नहीं लिया तो जल्द ही विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी एवं प्रदेश भर के आम छात्रों के साथ प्रदेश सरकार के इस छात्र विरोधी निर्णय के खिलाफ सड़कों में उतरेगी। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा एवम जिसकी सरकार स्वयं जिम्मेवार होगी।
















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