



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव मटाहणी में लखदाता पीर कमेटी के धार्मिक स्थल की जमीन के मालिकाना हक को लेकर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया में तरह-तरह की चर्चाओं, अटकलों और अफवाहों का संज्ञान लेते हुए हमीरपुर के तहसीलदार सुभाष कुमार ने स्पष्ट किया है कि यह जमीन वक्फ बोर्ड के नाम नहीं है।
तहसीलदार ने बताया कि राजस्व विभाग की जमाबंदी वर्ष 2018-19 के रिकॉर्ड के अनुसार महाल मटाहणी में खसरा नंबर 797 में स्थित मजार की जमीन की किस्म बंजर कदीम है और यह मलकीयती हिमाचल प्रदेश सरकार व खाना काश्त अलॉटेबल पूल की है। यानि यह सरकारी अलॉटेबल पूल की जमीन है।


सुभाष कुमार ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग, लखदाता पीर कमेटी और स्थानीय लोगों को वस्तुस्थिति से अवगत करवाने के लिए राजस्व विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहा है।



तहसीलदार ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा आपसी सौहार्द बनाए रखें।

















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