



कुल्लू/विवेकानंद वशिष्ठ :- कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं एक ऐसा ही उदाहरण हमें देखने को मिला इस आपदा की घड़ी में हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी के सैंज में 29 जून को बादल फटा था. इस दौरान तबाही ने लोगों को कई ज़ख्म दिए. कहीं इस आपदा में लोगों के घर चले गए और तो कहीं इस बाढ़ ने कुछ लोगों के अपनो को छीन लिया. आपदा से मिले इस दर्द में इन लोगों की मदद करने के कुछ लोग भी आगे आए है.
हिमाचल प्रदेशः ना कैबिनेट थी ना ही फंड…23 साल के यूट्यूबर ने बाढ़ पीड़ित के लिए 7 दिन में जुटाए 7 लाख



जो इन परिवारों के लिए मरहम बन सामने आए है. ऐसे ही एक युवा मददगार की हर तरफ चर्चा है. वो हैं यट्यूबर ब्लॉगर संजय चौहान. उनके पास ना कैबिनेट थी और ना ही फंड, लेकिन वो परिवार के मसीहा बनकर आए और सात लाख से अधिक मदद की. गौरतलब है कि कंगना रनौत ने हाल ही में प्रभावित की मदद ना करने के पीछ तर्क दिया था कि उनके पास कोई फंड और कैबिनेट नहीं है.



संजय चौहान की तारीफों का आया सैलाब
दरअसल, कुल्लू की सैंज घाटी के बिहाली गांव में बादल फटने से सबसे अधिक तबाही हुई थी. ऐसे में एक परिवार ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी, घर और अपनो को भी इस आपदा में खो दिया. लेकिन इसी बीच शांघड़ के एक युवा ब्लॉगर संजय चौहान ने इस परिवार की सहायता की. और अपने ब्लॉग के जरिए इस परिवार के लिए हफ्ते के भीतर ही लगभग 7 लाख की धनराशि इकट्ठा की।

कुल्लू घाटी में बादल फटने से तबाही हुई, जिसमें संजय चौहान ने प्रभावित परिवारों की मदद की. उन्होंने 7 लाख रुपये जुटाए और अन्य परिवारों को भी सहायता दी. कंगना रनौत ने फंड की कमी बताई थी कमी
दरअसल, कुल्लू की सैंज घाटी के बिहाली गांव में बादल फटने से सबसे अधिक तबाही हुई थी. ऐसे में एक परिवार ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी, घर और अपनो को भी इस आपदा में खो दिया. लेकिन इसी बीच शांघड़ के एक युवा ब्लॉगर संजय चौहान ने इस परिवार की सहायता की. और अपने ब्लॉग के जरिए इस परिवार के लिए हफ्ते के भीतर ही लगभग 7 लाख की धनराशि इकट्ठा की।
संजय चौहान ने बताया कि वह जब सैंज घाटी में हुई इस आपदा के बाद यहां वीडियो बना रहे थे, तब उनकी मुलाकात इस परिवार से हुई जिन्हें न सिर्फ इस आपदा में अपना घर खोया बल्कि उनके अपने भी खो दिए. ऐसे में उन्हें लगा कि इनकी मदद के लिए उन्हें अपने फॉलोवर्स से भी आग्रह करना चाहिए।
जिसके बाद पहली ही बार उन्होंने इस तरह का फंड रेज शुरू किया. जिसके बाद उन्हें लोगों के की ओर से अच्छा रिस्पांस मिलने लगा. जिससे वह करीब 7 दिनों में इस परिवार के लिए 6.87 लाख की धनराशि इकट्ठा की. जिसके बाद उन्होंने खुद से इसमें थोड़ी धनराशि जोड़ कर इस परिवार को 7 लाख की मदद दी है, ताकि यह परिवार अपना घर फिर से बना सके या फिर कुछ काम इससे शुरू कर सके.

उन्होंने बताया कि परिवार का सब खो जाने के बाद परिवार अपने रिश्तेदारों के घर पर रुका हुआ है. ऐसे में उनकी मदद की गई है ताकि यह परिवार फिर से अपनी जिंदगी शुरू कर सके. साथ ही संजय चौहान की ओर से बाढ़ से प्रभावित 2 अन्य परिवारों को 10- 10 हजार रुपये की मदद की है. जो उन्होंने अपनी यूट्यूब की कमाई के जरिए की है.
पहले भी अपनी वीडियो के जरिए कर चुके है लोगों की मदद
सैंज घाटी के शांघड़ के रहने वाले संजय चौहान संजय चौहान 23 साल के है और पिछले कुछ साल से यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्लॉग्स बना रहे है. अमूमन उनके द्वारा अपनी पहाड़ी जिंदगी, आसपास के लोगों और पहाड़ों की जिंदगी को लेकर भी ब्लॉग्स रहते है. लेकिन इसके अलावा वह अपने वीडियो के जरिए पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं और दुर्गम गांवों तक मदद पहुंचने का भी काम कर रहे है.
अपने व्लॉग में क्या दिखाते हैं संजय
आपदा में प्रभावित परिवारों की मदद से पहल उनकी ओर से कुल्लू के दुर्गम गांव शकटी के ग्रामीणों की मुश्किल जिदंगी को इलाके भी अपने वीडियो में बताया गया था. जिसके बाद विभाग के लोगो के द्वारा भी उनसे संपर्क करके इस गांव के लोगों के लिया मदद भेजी गई है. ऐसे में कुल्लू के इस युवा यूट्यूबर ने अपने वीडियो के जरिए लोगों की मदद करके एक मिसाल पेश की है. गौरतलब है कि संजय के यूट्यूब पर करीब 4.68 लाख फोलोअर्स हैं. वहीं, इंस्टाग्राम पर 80 हजार से अधिक उन्हें फोलो करते हैं.















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