हिमाचल सरकार कर रही जनभावनाओं का निरादर : राकेश ठाकुर

हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :-  भारतीय जनता पार्टी जिला हमीरपुर के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, समीरपुर मंडल अध्यक्ष अभ्यावीर सिंह लवली, पंचोत पंचायत के प्रधान चमन ठाकुर, बराडा पंचायत के प्रधान अनिल परमार, समीरपुर पंचायत के प्रधान चंद्र मोहन, अंजना ठाकुर, नीलम अरोड़ा और अन्य भाजपा नेताओं ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वर्तमान सुखविंदर सिंह सरकार द्वारा हाल ही में ब्लॉक पुनर्गठन की जो अधिसूचना जारी की गई है, उससे स्पष्ट हो गया है कि यह सरकार आम जनमानस की भावनाओं का निरादर करते हुए तानाशाही भरे फैसले ले रही है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पुनर्गठन के पश्चात बमसन ब्लॉक से 17 पंचायतों को निकालकर भोरंज में मिला दिया गया। इनमें से 9 पंचायतें – डाडू, चमबोह, कोटला, बजड़ोह, बधानी, कंजयां, केहरवीं, अमन, ढनवान – पहले ही भोरंज खंड में मिलने हेतु अपनी सहमति दे चुकी थीं। लेकिन आठ पंचायतें – दाढ़ी, बगवाड़ा, समीरपुर, पंजोत, टिक्करबुला, दरव्यार, दीमी और बराडा – लगातार सरकार और प्रशासन को अवगत करवा रही थीं कि उन्हें बमसन खंड में ही रखा जाए क्योंकि बमसन खंड इन पंचायतों से मात्र 7-8 किलोमीटर दूर है और राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित होने के कारण परिवहन सुविधा भी बेहतर है। दूसरी ओर, भोरंज खंड की दूरी 12-13 किलोमीटर है और वहां परिवहन की भी उचित सुविधा नहीं है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि बावजूद इसके, जनप्रतिनिधियों के आग्रह को ठुकराकर सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए इन पंचायतों को भोरंज खंड में मिला दिया, जो पूरी तरह से जनविरोधी निर्णय है। भोरंज के विधायक का यह तर्क कि इससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा, उनकी कथनी और करनी का अंतर दिखाता है। विगत ढाई वर्षों में विधायक महोदय ने क्षेत्र की अनदेखी ही की है। उदाहरण स्वरूप:

समीरपुर में जल शक्ति विभाग का उपमंडल कार्यालय सरकारी भवन में था, उसे डिनोटिफाई कर कंजयांन के निजी भवन में शिफ्ट कर दिया गया।

पंजोत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बराडा के आयुर्वेदिक सब सेंटर का जिनका शुभारंभ हुआ था अन्यत्र ही रद्द कर दिए गए।

क्षेत्र की कई पेयजल योजनाओं में शरारत कर लोगों को पीने के पानी से वंचित किया जा रहा है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि विधायक महोदय को वाकई समग्र विकास की चिंता होती तो वे बताते कि पिछले ढाई सालों में भोरंज के लिए कौन सी बड़ी परियोजना लाए हैं। जनता अब सब समझ चुकी है। ऐसा लगता है विधायक महोदय सोचते हैं कि उम्रभर वे ही इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे, लेकिन वे इस भ्रम में न रहें। आज प्रदेश के जो हालात है, उससे सत्ता परिवर्तन होना तय है और हमारी सरकार आते ही क्षेत्र की पुनर्गठन से पूर्व की स्थिति को बहाल किया जाएगा।

नेताओं ने सरकार व विधायक को आगाह किया कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र की जो आठ पंचायतें बमसन में रहना चाहती हैं, उन्हें वहीं रखा जाए। अन्यथा भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता जल्द ही इस तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विधायक का घेराव करने को बाध्य होंगे।