



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हिमाचल प्रदेश जायका कृषि परियोजना के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल इस माह के अंत में महाराष्ट्र के सह्याद्रि फार्म में कृषि एवं कृषि व्यवसायों का अध्ययन करेगा ताकि परियोजना क्षेत्र में किसान उत्पादक संगठनों के गठन में तेजी लाई जा सके। ये जानकारी परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने राज्य परियोजना प्रबंधक इकाई, हमीरपुर की समीक्षा बैठक में शुक्रवार को दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने समीक्षा बैठक में आये सभी जिला और खंड स्तर के परियोजना प्रबंधकों से दूसरी तिमाही के बजट पर चर्चा की और किये गए कामों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी इकाईयों में एकजुट होकर अधिक दक्षता से काम करने की जरुरत है, जिससे परियोजना की साल भर की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सके।


परियोजना निदेशक ने कहा कि कुहल के निर्माण के साथ साथ हमें लाभार्थी किसानों के खेतों में रसोई वाटिका की स्थापना करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित भी करना है, जिससे वो वर्ष भर सब्जियों को उगा कर आवश्यक पोषण मुहैया करवा सकें।



उन्होंने किसानों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही प्राकृतिक खेती योजना की भी समीक्षा की. उन्होंने जोर देकर सब अधिकारियों को किसानों के सक्रिय सहयोग से प्राकृतिक खेती योजना को लागू करने को कहा, जिससे जमीन पर इसके परिणाम दिख सकें।
उन्होंने ये भी कहा कि उप परियोजना क्षेत्रों एवं आसपास के प्रगतिशील किसानों का समूह बनाकर इस सुरक्षित खेती को बढ़ावा दें ताकि किसानों को हल्दी, मक्की, गेहूं के समर्थन मूल्यों का लाभ मिल सकें। ये कार्य फसल विविवधिकरण के अंतर्गत सब्जियों के उत्पादन के साथ किया जा सकता है।

परियोजना निदेशक ने कृषि की नई तकनीकों को लागु करने के लिए किसान समूहों के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
















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