



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- शोषण मुक्ति मंच हमीरपुर इकाई ने राज्य इकाई के आह्वान पर पर दलितों पर बढ़ते हमलों के विरोध में हमीरपुर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया l

उल्लेखनीय है हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से दलितों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं जो कि बेहद चिंता का विषय है l



शोषण मुक्ति मंच का मानना है कि प्रदेश में अस्पृश्यता कानून को सख्ती से लागू नहीं करने से समाज और संविधान विरोधी लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से नहीं घबराते है और दिनोदिन ऐसी घटनाएं बढ़ रही है l




शिमला के जंगला गांव में 12 साल के बच्चे की आत्महत्या, आनी में दलित महिला के बलात्कार और कत्ल देश के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के ऊपर जूता फेंकने का मामलों को देखते ही ये बात स्पष्ट हो जाती है कि चाहे आम आदमी हो या संविधान के सर्वोच्च पदों पर आसीन दलितों के साथ ऐसी घटनाएं सामान्य सी हो गयी हैं l

राष्ट्रीय अपराध व्यूरो के अनुसार मोदी राज में दलितों के साथ उत्पीड़न की घटनाओं में दोगुनी बढौतरी हुई है l एक तरफ हमले देश भर में बड़े हैं वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार ने दलित छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति बंद कर दी जिसके कारण रोहित बेमुला जैसे कई मेधावी छात्रों को आत्महत्या करनी पड़ी है l


देश का संविधान सबको समानता के नजरिये से देखने की बात करता है परंतु आज भी संविधान विरोधी और समाज विरोधी लोग जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने में लगे हैं जिन पर शिकंजा कसने की जरूरत है l
आज के प्रदर्शन में शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक नवीन कुमार, सह संयोजक कमल कुमार सहित डॉ कश्मीर ठाकुर, जोगिंदर कुमार, प्रताप सिंह राणा, संतोष कुमार, कश्मीर चंद, ब्रह्म दास, उत्तम चंद सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया और जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा l
















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