पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद उपेक्षित है, चंबा की छकुंड झील

चंबा/विवेकानंद वशिष्ठ  :-  अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध जिला चंबा में अभी भी कई ऐसे स्थल हैं जो पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं लेकिन प्रशासन की नजरों से दूर हैं। इन्हीं में से एक है— ‘छकुंड झील’। स्थानीय युवा ने अब इस बेशकीमती धरोहर को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए एक विशेष मुहिम का आगाज किया है।

स्थानीय युवा ने शुरू की मुहिम

हितेश ठाकुर (हैप्पी) का कहना है कि छकुंड झील न केवल सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि यहाँ का शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन विडंबना यह है कि उचित रास्ते और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह झील अपनी पहचान नहीं बना पा रही है।

रोजगार की संभावना: युवा स्थानीय निवासी हितेश ठाकुर का मानना है कि यदि इस झील को प्रमोट किया जाए, तो आसपास की तीन पंचायतों अठलूई, राजिडू व कीड़ी के साथ – साथ लगभग साहो क्षेत्र की सभी पंचायतों के गांवों में होमस्टे और गाइड के रूप में सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा !

यदि छकुंड झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाता है, तो यह पूरे क्षेत्र की आर्थिकी की तस्वीर बदल सकती है। स्थानीय पंचायतों का युवा आज रोजगार की तलाश में बाहर पलायन कर रहा है।

जबकि हमारे अपने क्षेत्र में पर्यटन का खजाना छिपा है। यदि यहाँ ‘इको-टूरिज्म’ और ‘होमस्टे’ कल्चर को बढ़ावा मिले, तो स्थानीय युवाओं को अपने घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।

 

अद्भुत सौंदर्य के बावजूद सुविधाओं का अकाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि छकुंड झील की तुलना अगर प्रदेश के अन्य विख्यात पर्यटन स्थलों से की जाए, तो यह किसी भी मामले में कम नहीं है।

 

चारों ओर पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरी यह झील न केवल पर्यटकों के लिए सुकून का केंद्र है, बल्कि साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए भी एक स्वर्ग के समान है

 

 

। लेकिन प्रशासन की उदासीनता का आलम यह है कि यहाँ तक पहुँचने के लिए आज भी कोई सुगम रास्ता उपलब्ध नहीं है।

 

पैदल रास्तों की हालत खस्ता है और झील के पास पेयजल, बैठने की व्यवस्था या ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं का नामोनिशान तक नहीं है।

 

प्रशासन से मांग: हितेश ठाकुर ने बताया कि स्थानीय लोगों के साथ जल्द ही इस विषय को लेकर विधायक चंबा और जिला प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें झील के सुंदरीकरण और पहुंच मार्ग के निर्माण की मांग की जाएगी।

 

स्थानीय निवासी हितेश ठाकुर हैप्पी का कहना है कि चंबा में पर्यटन को केवल कुछ ही जगहों तक सीमित न रखकर छकुंड झील जैसे नए स्थलों को विकसित करना समय की मांग है।

 

उन्होंने प्रशासन और पर्यटन विभाग से मांग की है कि इस स्थल का निरीक्षण कर यहाँ ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशा जाए।