चिट्टा मुक्त हिमाचल मुख्यमंत्री का प्रण: संदीप सांख्यान

बिलासपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- मुख्यमंत्री का चिट्टे के खिलाफ आंदोलन एक जनक्रांति है एक सामाजिक क्रांति है यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान का। उन्होंने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में चिट्टे के खिलाफ एक निर्णायक जंग लड़ रहा है और इस जंग में जीत हिमाचल प्रदेश के युवावर्ग और आमजनमानस की होगी।

 

चिट्टे के खिलाफ अभियान एक सामाजिक क्रांति एक जन क्रांति: संदीप सांख्यान

 

संदीप सांख्यान ने कहा वॉकथान करके जो जनक्रांति मुख्यमंत्री चिट्टे के खिलाफ खड़ी कर रहे हैं उससे नशा माफियाओं में डर बैठ गया है और यह डर बिल्कुल जायज है। चिट्टे के खिलाफ एक सामाजिक क्रांति या जनक्रांति में हिमाचल प्रदेश का अब हर परिवार शामिल हो चुका है।

 

 

चिट्टे के खिलाफ जंग युवावर्ग की जीत आमजन की जीत: संदीप सांख्यान

 

यह मुख्यमंत्री का प्रण है कि हिमाचल प्रदेश कोई भी बच्चा नशे की गिरफ्त ने नहीं आने देंगे। बीते दिनों में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हिमाचल पुलिस ने भी चिट्टे के खिलाफ कई जगहों पर छापेमारी करके बहुत बड़ी मात्रा में चिट्टा बरामद करके करके निर्णायक लड़ाई लड़ी है और जीती भी है।

 

 

संदीप सांख्यान ने मुख्यमंत्री के उस फैसले का भी स्वागत किया है जिसमें नशा माफियाओं की सम्पत्तियां कुर्क करी जाएंगी और जब्त करी जाएंगी। संदीप सांख्यान ने कहा कि चिट्टा एक केमिकल बेस्ड नशा है इस कि गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति अपनी तो तबाही करता ही है साथ में परिवार के अन्य सदस्यों को भी तबाही के कगार पर मानसिक और आर्थिक रूप से लाकर खड़ा कर देता है।

 

 

चिट्टे के खिलाफ और एन्टी ड्रग्स किसी भी मूवमेंट्स या अभियान का वह स्वागत करते हैं और मुख्यमंत्री जी का आभार भी जताते है कि युवा पीढ़ी को बचाने के लिए आपके अनथक प्रयास सराहनीय है।

 

 

संदीप सांख्यान ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में हर राजनीतिक विचारधारा के लोंगो का स्वागत है। संदीप सांख्यान ने मुख्यमंत्री की उस घोषणा का भी स्वागत किया जिसमें उन्होंने कहा कि चिट्टा माफिया या तो हिमाचल छोड़ दे या फिर अपने समूल विनाश के तैयार रहे।

 

 

संदीप सांख्यान ने आह्वान किया है कि किसी एंटी ड्रग्स, एन्टी चिट्टा या नशा माफिया अभियान में आम लोगों को वोलेंटियरली सरकार का साथ देना चाहिए ताकि इस तरह की सामाजिक कुरीतियों को बाहर फेंक कर एक नशा मुक्त समाज बनाया जा सके।