



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- हि.प्र. 108 एवं 102 एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन (सम्बंधित सीटू) की राज्य कमेटी के आह्वाहन पर हमीरपुर में 102 108 एम्बुलेंस सेवा में कार्यरत कर्मचारियों ने हड़ताल की।
25/2/2022 को हि. प्र. सरकार और मैडसवान फाउंडेशन कंपनी के बीच पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत एक समझौता हुआ । इस समझौते के अनुसार कर्मचारियों की वेतन व अन्य शर्तों पर हस्ताक्षर हुए।


यह समझौता मजदूर विरोधी था। इस समझौते में न्यूनतम वेतन को लागु नही किया गया। मजदूरों को चार घंटे काम पर ओवर टाइम करने के उपरांत दोगुना वेतन देने के कानून को भी नजर अंदाज किया गया और ना ही छुटियों बगैरा देने का कोई प्रावधान किया गया ।




102 /108 एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश सरकार और मैडसवान फाउंडेशन कंपनी के बीच हुए समझौते को हिमाचल के माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी। माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी द्वारा रखे गए ड्राईवरों कका ड्राईवर का वेतन दिया जाए जो कि अतिकुशल श्रेणी के न्यूनतम वेतन के समान दिया जाए। यूनियन ने प्रदेश सरकार और एन एच एम् के निर्देशक से माननीय उच्च न्यायालय का फैसला लागु करने के लिए कई बार अनुरोध किया । यूनियन ने कंपनी प्रवन्धक को भी उच्च न्यायालय के फैसला को लागू करने के लिए अनुरोध किया परन्तु कंपनी ने उल्टा 102 /108 कर्मचारियों की प्रताड़ना शुरू कर दी 102/108 एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन की मांग है कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को माननीय उच्च न्यायालय के फैसले अनुसार अतिकुशल (HIGHLY SKILLED) मजदूर का वेतन दिया जाए ।

कर्मचारियों द्वारा ओवरटाइम करने पर उन्हें कानूनन दोगुना वेतन दिया जाए। कर्मचारियों को 20 अर्जित अवकाश .10 आकस्मिक अवकाश व मेडिकल व अन्य सरकारी छुट्टियां दी जाए। एम्बुलेंस खराब होने पर, गाडी की मुरम्मत के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन का भुगतान किया जाए। मैडसवान फाउंडेशन कंपनी ई पी एफ और ई एस. आई में अपना हिस्सा अलग से जमा करवाएं। वर्तमान में कंपनी मजदूरों के वेतन में से ही अपना और मजदूरों का हिस्सा जमा करवा रही है जोकि कानूनन जुर्म है। परन्तु सरकार आँखें बंद कर सो रही है और कंपनी के खिलाफ कोई कारवाई नही कर रही है। मैड सवान फाउंडेशन कंपनी द्वारा प्रदेश सरकार के बीच 8 घंटे काम करने पर जो वेतन समझौता किया है यह 8815 रु मासिक बनता है और यह भी पुरे महीने का नही दिया जाता। हिमाचल प्रदेश में अर्द्धकुशल मजदूर को न्यूनतम वेतन 12750 रु है जबकि अतिकुशल मजदूर का वेतन 18000 रु बनता है परन्तु प्रदेश सरकार के आशीर्वाद के कारण मैडसवान कंपनी ड्राईवर जिसे कंपनी कैप्टन” और पायलट के नाम से नियुक्त करती है उसे 8 घंटे काम करने पर सिर्फ 8815 रु वेतन दिया जाता है। वेतन निर्धारण में भी विसंगतियां है। इससे साफ़ जाहिर है कि कंपनी प्रदेश सरकार के आशीर्वाद के चलते शोषण और दमन कर रही है जो कि हरगिज मंजूर नही ।

आज, 102/108 कर्मचारियों ने जिला अस्पताल से जुलुस शुरू किया और बाजार में रैली निकली और जिलाधीश कार्यालय के बाहर सभा की। कंपनी व सरकार के विरोध में नारेबाजी की। मजदूरों के रैली को सीटू के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, सीटू जिला उपाध्यक्ष प्रताप राणा सीटू जिला सचिव रंजन शर्मा 102/108 यूनियन की महासचिव अनुपमा कुमारी, कमेटी उपप्रधान समाईली परमार व यूनियन प्रधान राजेश कुमार व सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर ने संबोधित किया । सभी बक्ताओं ने प्रदेश सरकार की 102/108 कर्मचारी विरोधी नीति की आलोचना की। डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर ने मांग कि प्रदेश सरकार कंपनी को आदेश दे कि हि प्र उच्च न्यायालय के फैसले को तुरंत लागु करें । मजदूरों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम का दोगुना वेतन, छुटियाँ आदि दी जायें। यदि प्रदेश सरकार और कंपनी का रवैया मजदूर विरोधी रहेगा तो यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए विवश होगी जिसकी सारी जिमेदारी प्रदेश सरकार और मैडसवान फाउंडेशन कंपनी की होगी ।
















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