



हमीरपुर/विवेकानंदवशिष्ठ:- हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैली जजरी के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने तथा उन्हें वैश्विक मंच के लिए तैयार करने के उद्देश्य से व्यक्तित्व विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में प्रसिद्ध शिक्षाविद सुमन प्रजापति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि व्यक्तित्व विकास किसी एक दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि निरंतर जीवनभर चलने वाला अभ्यास है।
अच्छा व्यक्तित्व केवल बोलने की कला नहीं, बल्कि सुनने, समझने और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि पर्सनल लाइफ में अच्छा व्यक्तित्व आत्मविश्वास, संतुलन और सकारात्मक संबंधों को मजबूत करता है, जबकि प्रोफेशनल लाइफ में व्यक्तित्व नेतृत्व, निर्णय क्षमता और वैश्विक स्वीकार्यता दिलाता है।
जीवन में व्यवहार और सकारात्मक सोच आत्मविश्वास और मनोबल को बढ़ाने वाली रहती है।
विद्यार्थियों को “लोकल से ग्लोबल” सोच अपनाने की प्रेरणा देते हुए प्रजापति ने कहा कि आज का विद्यार्थी केवल अपने क्षेत्र या देश तक सीमित न रहे, बल्कि खुद को एक ग्लोबल सिटिजन के रूप में विकसित करे। इसके लिए संस्कारों के साथ-साथ आधुनिक कौशलों का संतुलन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पर्सनल लाइफ में अच्छा व्यक्तित्व आत्मविश्वास, संतुलन और सकारात्मक संबंधों को मजबूत करता है, जबकि प्रोफेशनल लाइफ में यही व्यक्तित्व नेतृत्व, निर्णय क्षमता और वैश्विक स्वीकार्यता दिलाता है।
कार्यशाला में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास, व्यवहार के व्यावहारिक तरीके, सही दृष्टिकोण से समस्याओं का समाधान, पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में संतुलन, वैश्विक नागरिक बनने की तैयारी जैसे विभिन्न पहलुओं चर्चा की।
विद्यार्थियों ने कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए प्रजापति ने बताया की आज का विद्यार्थी अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को स्थापित करना चाहता है, तो उसे अपने व्यवहार के तरीकों, सोच के दृष्टिकोण और संवाद शैली पर विशेष ध्यान देना होगा। व्यक्ति का सकारात्मक दृष्टिकोण ही साधारण व्यक्ति को असाधारण बनाता है।
सुमन प्रजापति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के उदाहरण देते हुए बताया कि दुनिया की अग्रणी कंपनियों और संस्थानों में चयन केवल डिग्री के आधार पर नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन स्किल, टीमवर्क, निर्णय क्षमता और नैतिक मूल्यों के आधार पर होता है।
उन्होंने महात्मा गांधी, एपीजे अब्दुल कलाम और नेल्सन मंडेला जैसे वैश्विक व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों की सफलता का मूल कारण उनका सशक्त व्यक्तित्व और स्पष्ट जीवन दृष्टि थी।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजपाल भरद्वाज ने सुमन प्रजापति को स्मृति चिन्ह देकर आभार व्यक्त करते हुए कहा की यह कार्यशाला हमारे विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी रही।
प्रजापति जी ने जिस तरह व्यवहार, अनुशासन और सोच के महत्व को समझाया, जो की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी जरूरत है। इस तरह की कार्यशालाएं न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारती हैं, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच के लिए भी तैयार करती हैं।
विद्यालय के शिक्षकों ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर वोकेशनल स्कूल कोऑर्डिनेटर कुलदीप ढटवालिया, वोकेशनल टीचर अश्वनी ढटवालिया , राजेश एवं स्टाफ मौजूद रहा ।
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