



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय हमीरपुर में पर्यावरण प्रयोगशाला की स्थापना की गई है।
इस प्रयोगशाला के निर्माण हेतु हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद की ओर से 18,850 रुपये की अनुदान राशि विद्यालय को स्वीकृत की गई थी जिससे इस प्रयोगशाला को साकार रूप दिया जा सका।


विद्यार्थियों में पर्यावरण जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा



इस पर्यावरण प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थी वायु ,जल तथा मृदा की गुणवत्ता की जाँच करना सीखेंगे। इसके साथ-साथ विद्यार्थी पर्यावरण से जुड़े विभिन्न वैश्विक मुद्दों जैसे ग्रीनहाउस प्रभाव, वैश्विक ऊष्मीकरण व जलवायु परिवर्तन आदि का गहन अध्ययन कर सकेंगे और उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझ पाएंगे।
इस प्रयोगशाला में कचरे के विभिन्न प्रकार, उनका पृथक्करण एवं प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, ओज़ोन परत तथा विभिन्न प्रकार के पौधों एवं उनके महत्व से संबंधित जानकारी भी विद्यार्थियों को दी जाएगी।

यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। इस पर्यावरण प्रयोगशाला का निर्माण जिला विज्ञान पर्यवेक्षक, विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम चौहान, इको क्लब प्रभारी विमला देवी व विद्यालय स्टाफ के सामूहिक प्रयासों से संभव हो पाया है।
पर्यावरण प्रयोगशाला का अवलोकन जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम ने स्वयं किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण प्रयोगशाला के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा विद्यार्थियों के ज्ञान का मूल्यांकन करते हुए यह जाना कि वे पर्यावरण के प्रति कितने सचेत हैं।
विद्यालय में स्थापित यह पर्यावरण प्रयोगशाला निश्चित रूप से विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और पर्यावरणीय चेतना को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
















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