



हरियाणा/विवेकानंद वशिष्ठ :- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज हरियाणा के पानीपत स्थित प्रतिष्ठित गीता यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को डिग्रियाँ वितरित कीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Yuva ChangeMakers के 11 प्रतिभागियों को छात्रवृत्ति देगा विश्वविद्यालय: अनुराग सिंह ठाकुर



इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के समक्ष अपने “Yuva ChangeMakers” विजन को साझा करते हुए इस कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।



6 प्रतिभागियों को 100% एवं 5 को 50% छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी: अनुराग सिंह ठाकुर

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों के परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल होता है। यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रों की उपलब्धियों, क्षमताओं और संभावनाओं का उत्सव है।


उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे डिग्री प्राप्त करने के बाद केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें और अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करें।

आज भारत को युवा शक्ति की अत्यंत आवश्यकता है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य तय किया गया है, उसमें युवाओं की निर्णायक भूमिका है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल सशक्त अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास और बेहतर अवसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी, नवोन्मेषी और अवसरों से परिपूर्ण भारत की परिकल्पना है।
इसी सोच के तहत हिमाचल प्रदेश के युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए Yuva ChangeMakers कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि गीता यूनिवर्सिटी ने Yuva ChangeMakers का समर्थन करते हुए इसके प्रतिभागियों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है।

हिमाचल प्रदेश के Yuva ChangeMakers के 11 प्रतिभागियों में से 6 को 100 प्रतिशत तथा 5 को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्णय के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं से आग्रह किया कि वे Yuva ChangeMakers कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए yuvachangemakers.com पर जाएँ और विकसित भारत–विकसित हिमाचल की यात्रा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे कहा कि आज का भारत तीव्र गति से प्रगति करते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। अमृतकाल के आगामी 25 वर्ष देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जिनमें युवाओं के लिए अपार अवसर निहित हैं। युवा इन अवसरों का लाभ उठाकर न केवल व्यक्तिगत उन्नति करें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश आज एक स्वर्णिम युग से गुजर रहा है और वर्तमान युवा उभरते भारत की स्वर्णिम पीढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं को सौभाग्यशाली मान सकते हैं कि वे ऐसे समय में डिग्री प्राप्त कर रहे हैं, जब भारत अवसरों और संसाधनों से भरपूर स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यह तैयारी युवाओं की ऊर्जा, नेतृत्व और संकल्प पर आधारित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और संसाधनों को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का दृढ़ संकल्प लें तथा भारत के परिवर्तन की इस ऐतिहासिक यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।















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