



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- वित्त विभाग की योजना बैठक में बड़सर विधानसभा क्षेत्र की लगातार हो रही अनदेखी को लेकर विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। विधायक ने विकास, स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा, जल शक्ति, ऊर्जा, पर्यटन और रोजगार से जुड़े दर्जनों लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
लंबित योजनाओं पर सरकार को ललकारा: इंद्रदत्त लखनपाल



विधायक लखनपाल ने कहा कि सरकार घोषणाओं में आगे है, लेकिन बड़सर की ज़मीनी ज़रूरतें आज भी अधूरी पड़ी हैं। उन्होंने ताल स्टेडियम बिझड़ी के अपवर्धन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2023 में घोषित 50 लाख रुपये की राशि आज तक जारी न होना सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



उन्होंने बड़सर एवं भोटा बस स्टैंड के विकास, नए बीडीओ भवन के निर्माण, सीएचसी बिझड़ी के लिए नए भवन व आधुनिक मशीनरी, पीएचसी भोटा को अपग्रेड करने, मुख्यमंत्री लोक भवन बिझड़ी के अधूरे कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा सिविल अस्पताल बड़सर को 100 बेड का करने और क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित करने की मांग प्रमुखता से रखी।
विधायक ने कहा कि अग्निशमन केंद्र बिझड़ी आज भी अपने स्थायी भवन से वंचित है, जबकि भूटलाड़ में 12 बीघा भूमि पर सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने की मांग वर्षों से लंबित है।

उन्होंने अनुसूचित जाति कंपोनेंट में सड़क व भवन निर्माण के लिए बजट न दिए जाने को बड़सर के साथ खुला भेदभाव बताया।
शिक्षा क्षेत्र में विधायक ने GSSS बनी, घोड़ी धाबीरी, रैली जजरी एवं बड़सर में नए विद्यालय भवनों के निर्माण की मांग उठाते हुए कहा कि बिना आधारभूत ढांचे के शिक्षा सुधार केवल कागज़ों तक सीमित रह जाता है।
परिवहन सुविधाओं को लेकर विधायक ने घोड़ी धाबीरी से अमृतसर, दियोटसिद्ध से दिल्ली के लिए वॉल्वो बस, बड़सर से एम्स बिलासपुर एवं टांडा के लिए विशेष बस सेवा, तथा बड़सर से होकर गुजरने वाले बंद किए गए लंबे रूट की बसों को बहाल करने की मांग रखी।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी टिक्कर राजपूतां, चमबेह व दलचेडा में डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ की पोस्ट स्वीकृत करने, डिनोटिफाइड आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी कुल्हेड़ा को पुनः शुरू करने, तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस बेड की संख्या बढ़ाने की मांग उठाई।

इसके अतिरिक्त विधायक ने पुलिस चौकी बिझड़ी-भोटा को स्थायी करने, जल शक्ति विभाग बड़सर में पिछले तीन वर्षों से पाइपों की आपूर्ति न होने, शुक्कर खड्ड एवं सिरयाली खड्ड के चैनलाइजेशन, तथा जोल कक्षीरी, झरनोट एवं डोडरु में अतिरिक्त पेयजल योजनाएं बनाने का मुद्दा भी उठाया।
₹132 करोड़ की पेयजल योजना पर सवाल उठाते हुए विधायक लखनपाल ने कहा कि जब योजना बड़सर के लिए है, तो कई गांवों को इससे बाहर रखना अन्याय है। उन्होंने बतलाहु, नँडल, दखयोडा, समैला, बड़ा गांव, धाबीरी, रैली जजरी, सठवीं, जोल कसीरी, जन्हेण, दैंण, ठठियार, सौर, बल रतनु, कन्नड़ व टांगर में पेयजल टैंकों के निर्माण की स्पष्ट मांग रखी।
धार्मिक एवं पर्यटन विकास के अंतर्गत विधायक ने बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में नई भर्तियां, मंदिर ट्रस्ट के कॉलेज को सरकार के अधीन करने, तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोप-वे निर्माण की मांग उठाई।
उन्होंने पंचायतों में पंचायत सचिव, ग्राम सेवक व तकनीकी सहायकों के रिक्त पद भरने, पीएचसी भोटा, सलौनी, ननावा, चकमोह व गारली को 24×7 करने, नगर पंचायत बड़सर में जनता की आपत्तियों पर शीघ्र निर्णय, तथा गर्मियों से पूर्व सड़कों की टायरिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने आपदा प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि जिन परिवारों के घर गिर गए, पशुशालाएं ढह गईं और रास्ते क्षतिग्रस्त हुए, उन्हें तत्काल मुआवजा और राहत दी जानी चाहिए।
अंत में विधायक ने दो टूक कहा—.“बड़सर के हक़ की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि लंबित योजनाओं के लिए तुरंत बजट और ठोस निर्णय नहीं लिए गए, तो सरकार को इसका राजनीतिक जवाब देना पड़ेगा।”















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