संवैधानिक संकट को जन्म तो भाजपा देने वाली थी पर असफल रही: संदीप सांख्यान

बिलासपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- भाजपा अपने को संभाले, प्रदेश सरकार ठीक से चल रही है, यह कहना है प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान का। उन्होंने प्रदेश भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में संवैधानिक संकट की बात करने वाली भाजपा 2023 के राज्यसभा चुनाव में खुद ही तो संवैधानिक संकट प्रदेश में लाना चाहती थी लेकिन मुहँ की खानी पड़ी।

 

 

भाजपा प्रदेश के संवैधानिक संकट की बात न करे तो उनके लिए बेहतर होगा: संदीप सांख्यान

जिस तरह से प्रदेश की वर्तमान राजनीति को भाजपा हवा देने की कोशिश कर रही है इससे पहले भाजपा को अपने गिरेबान में भी अवश्य झांकना चाहिए। संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रदेश में 2022 के चुनावों में भाजपा के करीब 22 उमीदवार पार्टी से बगावत करके चुनाव मैदान में उतरे थे और नतीजा आज जगजाहिर है, क्या यह भाजपा का संगठनात्मक अनुशासन था।

 

 

संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के नेता धवाला और कृपाल परमार का प्रकरण अभी प्रदेश के जहन में है और कांग्रेस की सरकार और कांग्रेस पार्टी पर उंगली उठाने से पहले भाजपा को ज्यादा नही तो अपने पिछले तीन वर्षों के इतिहास को देख लेना चाहिए।

 

 

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कांग्रेस और कांग्रेस की सरकार पर टीकाटिप्पणी तो करते हैं लेकिन कभी केंद्र की सरकार के द्वारा चलाई जा रही जनविरोधी नीतियों पर चर्चा क्यों नहीं करते।

 

 

संदीप सांख्यान ने साल 2014 के बाद प्रदेश में भाजपा के नेता बताएं कि कौन सी जनहितैषी योजनाएं इन्होंने धरातल पर उतारी है। संदीप सांख्यान ने कहा कि क्या भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री शांता कुमार और धूमल साहब की आंतरिक राजनीतिक लड़ाई भूल गई है या क्या वर्तमान में भाजपा पांच गुटों में बंटने के बाद अपने आप को सुधारने का दावा कर रही है।

 

 

संदीप सांख्यान ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर चुटकी लेते हुए कहा कि जिला मंडी में अनुराग ठाकुर के नारे लगना और हमीरपुर में जयराम के नारे लगना और राजेंद्र राणा के कार्यक्रम में धूमल साहब का न जाना क्या इंगित करता है, क्या यही भाजपा का अनुशासन है, यह भी भाजपा को बताना होगा।

 

 

संदीप सांख्यान ने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार पर उँगकी उठाने से पहले प्रदेश भाजपा को बहुत सोच समझ कर बोलना चाहिए न कि प्रदेश को राजनैतिक अराजकता की तरफ धकेलना चाहिए। संदीप सांख्यान ने कहा तीन साल बीत जाने के बाद भी शायद भाजपा सत्ता की लोलुपता अभी छोड़ नहीं पाई है।