



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ :- कांग्रेस पार्टी द्वारा बड़सर में आयोजित तथाकथित “मनरेगा बचाओ देश बचाओ” कार्यक्रम राजनीतिक हताशा, दोहरे मापदंड और झूठी बयानबाजी का स्पष्ट उदाहरण है। जिन कांग्रेस नेताओं ने वर्षों तक मनरेगा को भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड, कमीशनखोरी और मजदूरों के शोषण का माध्यम बनाए रखा, वही आज बड़सर की जनता के सामने खुद को मजदूर हितैषी साबित करने का ढोंग कर रहे हैं।
जनता के हक का पैसा रोका—अब सवालों से बच नहीं सकती कांग्रेस : संजीव शर्मा

भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने लंबे शासनकाल और वर्तमान राज्य सरकार की नाकामियों का जवाब देना चाहिए—
कितने गरीब मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिली?
कितने फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए?
और मनरेगा के नाम पर कितनी लूट हुई?
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मनरेगा को कमजोर नहीं बल्कि देश की सबसे पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित योजना बनाया गया है।
आज मजदूरी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे मजदूर के खाते में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र पर निर्णायक प्रहार हुआ है।
संजीव शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को योजना की प्रक्रिया और निगरानी में हुए सुधार इसलिए खटक रहे हैं क्योंकि इससे उनका वर्षों पुराना भ्रष्ट नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। भाजपा सरकार ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता लाकर गरीब और मजदूर को उसका वास्तविक हक दिलाने का काम किया है।
उन्होंने बड़सर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि काम के दिन घटाने, मनरेगा खत्म करने और हिमाचल की अनदेखी जैसे आरोप पूरी तरह झूठे, भ्रामक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित हैं।
केंद्र सरकार ने मनरेगा सहित ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए लगातार बजट में वृद्धि की है। यदि कहीं भुगतान में देरी या कार्यों में बाधा है, तो इसके लिए हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, कमजोर निगरानी और वित्तीय कुप्रबंधन जिम्मेदार है।
जनता पूछ रही है—कांग्रेस दे जवाब
संजीव शर्मा ने कहा कि बड़सर की जनता कांग्रेस नेताओं से इन सीधे और बुनियादी सवालों के जवाब चाहती है—
महिलाओं को ₹1500 देने का वादा कब पूरा होगा?
6 महीनों से विधायक निधि मुख्यमंत्री द्वारा क्यों जारी नहीं की गई?
केंद्र से मिली आपदा राहत राशि जनता तक क्यों नहीं पहुंचाई गई?
आपदा के दौरान बड़सर में जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ, उन्हें अब तक मुआवजा क्यों नहीं मिला?
बड़सर की जर्जर सड़कों के सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने अब तक कितना बजट जारी किया?
केंद्र से स्वीकृत क्रिटिकल केयर यूनिट का कार्य अब तक क्यों शुरू नहीं हुआ?
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान पाने वाले लाभार्थियों को प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले ₹20,000 अब तक क्यों नहीं मिले?
मुख्यमंत्री कन्यादान व सगुन योजना की राशि गरीब परिवारों को क्यों नहीं दी गई?
उन्होंने कहा कि मंचों से नारे लगाने और केंद्र सरकार को कोसने से पहले कांग्रेस नेताओं को इन जनहित से जुड़े गंभीर सवालों का ईमानदारी से जवाब देना चाहिए। अब जनता को भ्रमित करना आसान नहीं है।
अंत में संजीव शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा गरीब, किसान, मजदूर और ग्रामीण हिमाचल के सशक्तिकरण के लिए पूरी ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। बड़सर की जागरूक जनता कांग्रेस के झूठे आंदोलनों, दिखावटी कार्यक्रमों और खोखले वादों को भली-भांति पहचान चुकी है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका करारा जवाब देगी।
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