



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- सेर स्वाहल (हमीरपुर) मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा आज पंचायत सेर स्वाहल पहुँचे, जहां ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचों और स्थानीय लोगों ने टोपी व शॉल पहनाकर वर्मा का सम्मान किया।

ग्रामीणों ने पंचायत में बहुमुखी विकास—नया ट्रांसफार्मर, दो नई सड़कें, तथा कम्युनिटी सेनिटरी कॉम्प्लेक्स उपलब्ध कराने के लिए डॉ. वर्मा का आभार जताया।



सभा को संबोधित करते हुए डॉ. वर्मा ने कहा कि 2004–2009 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना थी, जिसने ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार दिया पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार दिए गांव की जरूरत के अनुसार कार्य और बजट तय करने की शक्ति प्रदान की।




उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप को तोड़ रही है, महात्मा गांधी के नाम को हटाकर राष्ट्रपिता का अपमान कर रही है,बजट पंचायतों की बजाय दिल्ली में बैठे अधिकारियों द्वारा तय करवा रही है।

✘ धीरे-धीरे ग्रामीण रोजगार को खत्म करने की साजिश कर रही है डॉ. वर्मा ने कहा कि “जब से बीजेपी केंद्र में आई है, मनरेगा को कमजोर करने और खत्म करने का प्रयास लगातार जारी है।”इस दौरान उन्होंने हिमाचल को राष्ट्रीय सहायता से वंचित रखने पर भी सवाल उठाए।


उन्होंने कहा कि 2023 की आपदा में हुए 12,000 करोड़ के नुकसान का आकलन हुआ और 2,000 करोड़ देने का वादा हुआ था, जबकि तीन साल बाद केवल 600 करोड़ दिए गए, वह भी किस्तों में।

उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल यात्रा के दौरान घोषित 1,500 करोड़ के पैकेज का भी हिसाब मांगा और कहा कि “कांग्रेस सरकार के आने के बाद हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार साफ दिखाई देता है।”
डॉ. वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखु लगातार आपदा प्रभावितों और प्रदेश के विकास के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार मदद की जगह बाधाएं खड़ी कर रही है।
कार्यक्रम में उपप्रधान नरेश कुमार, पूर्व प्रधान हंसराज, पूर्व उप प्रधान राकेश शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
















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