



हमीरपुर/विवेकानंद वशिष्ठ:- भाजपा प्रदेश प्रमुख प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय बजट जनहितकारी, संतुलित और विकसित भारत 2047 का ठोस रोडमैप है।

इस अवसर पर हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा, जिला महामंत्री अजय रिंटू शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी विक्रमजीत सिंह बन्याल, जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, सुजानपुर मंडल महामंत्री सुरेश ठाकुर तथा सुजानपुर मंडल मीडिया प्रभारी नरेंद्र ठाकुर भी उपस्थित रहे।


प्रदेश हितों पर काम करने में मुख्यमंत्री सुक्खू और उनका प्रशासनिक अमला विफल: राजेंद्र राणा




राजिंदर राणा ने कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष की वित्तीय योजना नहीं बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने का ठोस रोडमैप है, जिसमें आर्थिक विकास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भर भारत के सिद्धांतों का संतुलित समावेश किया गया है।

उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि अब स्वास्थ्य सेवा खर्च नहीं बल्कि सरकार की जिम्मेदारी बनेगी, क्योंकि कैंसर की दवाएं सस्ती की गई हैं, आयुर्वेद संस्थानों का विस्तार किया गया है और जिला अस्पतालों की आपातकालीन क्षमता में 50 प्रतिशत वृद्धि की गई है।

राजेंद्र राणा ने कहा कि यह बजट किसान, बागवान, युवा, महिला, गरीब और मध्यम वर्ग सहित हर नागरिक को सशक्त करने वाला बजट है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले, रोजगार सृजन, कृषि सुधार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा मेडिकल व पर्यटन हब की घोषणाएं देश और विशेष रूप से हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए वरदान साबित होंगी। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने, कैंसर दवाओं को सस्ता करने और नए आयुर्वेद संस्थानों से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है, जो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाएगा। पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से हिमाचल की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
इसके साथ ही राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल के मुद्दों को केंद्र के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। बजट निर्माण के दौरान राज्य के हितों की आवाज उठाने के बजाय सुक्खू सरकार निष्क्रिय रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने थके-हारे और सेवानिवृत्त अधिकारियों का ऐसा प्रशासनिक ढांचा खड़ा कर रखा है जो राज्यहित में काम करने के बजाय गोल्फ खेलने और सरकारी सुविधाओं का आनंद लेने में अधिक व्यस्त है। यह रवैया हिमाचल के विकास के लिए घातक है।
अंत में राजेंद्र राणा ने कहा कि यह बजट नए भारत की नई उड़ान है, जो हर घर में बेहतर स्वास्थ्य, हर हाथ में रोजगार और हर राज्य में संतुलित विकास सुनिश्चित करेगा।















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